कहीं बिजली के तार खुले हैं तो कहीं गलियों को खोदकर छोड़कर दिया गया है। स्मार्ट सिटी के स्मार्ट वार्ड की गलियों में चल रहे निर्माण कार्य व सुंदरीकरण का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। स्थानीय लोगों की समस्या बरसात में और भी ज्यादा बढ़ जाती है। बात करें जंगमबाड़ी वार्ड की तो सीवर ओवरफ्लो, कीचड़ और गंदगी से हर रोज सामना करना पड़ता है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत जंगमबाड़ी में पेयजल, सीवर की पाइप लाइन बिछाने और गलियों के सुंदरीकरण का काम चल रहा है। वार्ड को स्मार्ट करने की प्रक्रिया स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। समय-समय पर स्थानीय लोगों की ओर से कार्यदायी संस्था द्वारा हीलाहवाली की शिकायतें भी आती हैं। स्थानीय लोगों ने वार्ड में चल रहे काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कई बार धरना प्रदर्शन भी किया। काम की शिकायतें नगर आयुक्त से लेकर जंगमबाड़ी वार्ड में 13.53 करोड़ रुपये विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। जंगमबाड़ी वार्ड में जाने वाली सड़क के मुहाने पर ही सीवर डालने का काम किया जा रहा है। गढ्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है और अभी तक पाइपलाइन नहीं डाली गई है। थोड़ा आगे बढ़ने पर चौका बिछाने के लिए गलियाें को खोदा तो गया है लेकिन अभी तक चौका बिछाने का काम शुरू नहीं हो सका है। इसके कारण गली की सड़क पर मिट्टी बिखरी हुई है और बरसात के कारण कीचड़ व फिसलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। स्थानीय निवासी रामजतन यादव ने बताया कि कई दिन से गली को खोदकर छोड़ दिया गया है। बरसात के समय तो स्थिति और नारकीय हो जाती है। राजेश यादव ने बताया कि सीवर ओवरफ्लो की समस्या तो वार्ड में लंबे समय से बनी हुई है।
स्मार्ट सिटी के जनसंपर्क अधिकारी शाकंभरी नंदन सोंथालिया ने बताया कि बरसात के कारण काम की रफ्तार कम हुई है। वार्ड में 87 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वार्ड की समस्याओं के संदर्भ में जो शिकायतें मिलती हैं उनका समय से निस्तारण कराया जाता है।
---
-जंगमबाड़ी वार्ड में 13.53 करोड़ से चल रहा काम
-87 फीसदी स्मार्ट सिटी का काम हो चुका है पूरा
-एक से दो महीने में पूरा हो जाएगा वार्ड का काम
- दशाश्वमेध, जंगमबाड़ी, कालभैरव, कामेश्वर महादेव, राजमंदिर, गढ़वासी टोला में चल रहा स्मार्ट सिटी का काम