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एसआईटी ने पूछे 100 सवाल, सीएमडी और मैनेजर के पास जवाब का अकाल

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जमीन और गोल्ड, टूर पैकेज का झांसा देकर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी विकास सिंह और प्रबंधक प्रदीप यादव को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शनिवार को रिमांड पर लिया। इस दौरान एसआईटी के तैयार 100 सवालों के चक्रव्यूह में सीएमडी और प्रबंधक उलझे रहे और दोनों जवाब नहीं दे सके। गहनता से पूछताछ में अधिकतर समय तक विकास खामोश ही रहा और प्रदीप यादव सिर्फ बगली झांकता रहा। जांच में दोनों के सहयोग नहीं करने का अंदेशा भी एसआईटी को समझ में आया। धोखाधड़ी के 39 मुकदमों में आरोपी विकास सिंह ने लाकडाउन से पूर्व 26 बार विदेश यात्राएं की। महंगे होटल और लग्जरी गाड़ियों के शौकीन विकास ने अन्य राज्यों में कई प्रॉपर्टी भी तैयार कराई है।
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सुबह 9 बजे रिमांड पर लिए गए विकास सिंह और प्रबंधक प्रदीप यादव से एसआईटी ने सवाल किया कि कोरोना से पूर्व 26 बार विदेश क्यों और किसके साथ गया, नीलगिरी कंपनी के रजिस्ट्रेशन के समय कितनी संपत्ति थी। बनारस के अलावा और किन राज्यों और शहरों में संपत्ति या प्रोजेक्ट है, कंपनी में कौन-कौन लोग शामिल रहे, कितने लोग छोड़कर गए। नोटबंदी से पूर्व और बाद में कंपनी का टर्नओवर कितना रहा, आखिर क्यों नहीं निवेशकों का पैसा लौटाया गया आदि ऐसे कई सवाल पूछे गए, लेकिन दो-चार सवालों के जवाब के बाद विकास और प्रबंधक प्रदीप खामोश ही रहे। तीन दिन तक चलने वाली पूछताछ में दोनों को लखनऊ, बिहार, झारखंड और गुजरात ले जाकर संपत्तियों की पहचान कराई जाएगी।
रेंज रोवर गाड़ी का हिमाचल में क्यों कराया रजिस्ट्रेशन
एसआईटी की तफ्तीश में सामने आया कि हिमाचल प्रदेश के रजिस्ट्रेशन पर रेंज रोवर गाड़ी खरीदी। इसकी भी जांच संभागीय परिवहन विभाग से कराई जा रही है। छोटी-छोटी उपलब्धियों पर पांच सितारा होटलों में पार्टियां देता था। अधिकतर पार्टियां लखनऊ और नई दिल्ली के होटलों में होती थीं। कोरोना से पूर्व साल के अंदर विकास सिंह 26 बार विदेश यात्रा की, इसमें सबसे अधिक थाईलैंड, मलेशिया, यूरोपीय देशों में यात्रा की। पूछताछ में अन्य चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
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कंपनी पर दर्ज हैं 39 मुकदमे
चेतगंज थाने में निवेशकों की ओर से दर्ज कराए गए धोखाधड़ी मुकदमे में सीएमडी विकास सिंह, पत्नी एमडी ऋतु सिंह और प्रबंधक प्रदीप यादव को गिरफ्तार किया गया। 30 अगस्त को तीनों को जेल भेजा गया था। पत्नी को छोड़ बाकि अन्य दोनों को रिमांड पर लिया गया। नीलगिरी इंफ्रासिटी पर बनारस सहित अन्य जिलों में 39 मुकदमे दर्ज हैं।
धोखाधड़ी के आरोपी नीलगिरी कंपनी के सीएमडी विकास सिंह और उसके मैनेजर प्रदीप यादव को तीन दिन के रिमांड पर लेकर एसआईटी पूछताछ की जा रही है। -ए सतीश गणेश, पुलिस आयुक्त
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