पार्षदों द्वारा काम रोको प्रस्ताव का मामला शांत होने के बाद विपक्ष के पार्षद विकास कार्यों को लेकर हंगामा करने लगे। कांग्रेस के पार्षद सीताराम केसरी का कहना था कि वर्ष 2018-19 में पार्षद कोटे से 25-25 लाख के काम होने थे लेकिन वह अभी तक शुरू नहीं हो सके। इसको लेकर विपक्ष की महिला पार्षद मेयर की कुर्सी के पास धरने पर बैठ गईं।
महिला पार्षदों के समर्थन में विपक्ष के सभी कांग्रेस, सपा और निर्दल पार्षद भी मेयर के बगल में धरना देने लगे। अधिकारियों ने कहा कि टेंडर नहीं हुआ है और ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। इस पर मेयर ने चीफ इंजीनियर से जवाब देने को कहा। चीफ इंजीनियर ने पार्षदों को 15 मार्च तक काम शुरू कराने का आश्वासन दिया।
मांस और मदिरा की दुकानें होंगी शहर से बाहर
वाराणसी। पार्षदों ने कहा कि काशी धार्मिक नगरी है। ऐसे में शहर के अंदर मांस और मदिरा की दुकानें पूरी तरह प्रतिबंधित होनी चाहिए। शहर से बाहर पड़ाव क्षेत्र में मांस और मदिरा की दुकानों को किया जाए। इस पर मेयर ने अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन और जिला प्रशासन को पत्र लिखना होगा।
मेयर ने अधिकारियों का निर्देशित किया कि शासन व प्रशासन को इस आशय का प्रस्ताव बनाकर भेजें तथा सदन की मंशा से भी उन्हें अवगत कराएं। इसके बाद वहां से मिले दिशा निर्देशों के अनुसार आगे काम किया जाएगा।
बिरहा सम्राट के नाम पर होगी सड़क
हुकुलगंज के वार्ड पार्षद बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने हुकुलगंज रोड से जिलाजेल रोड का नाम पद्मश्री स्व. हीरालाल यादव के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया। इसको सदन ने पारित कर दिया। वहीं हुकुलगंज तिराहा ताड़ी खाना का नाम बदलकर बालाकोट के शहीद स्वं. विशाल पांडेय के नाम पर रखने और एक प्रतीक लगाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। वहीं जिला जेल के बाउंडरी के पास दुकानों के निर्माण पर भी सदन ने स्वीकृति प्रदान की।