22 को लखनऊ में प्रदर्शन
मुख्य वक्ता मंडल मंत्री (लखनऊ) आरके पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों की समस्या के समाधान के लिए 22 जुलाई को लखनऊ के डीआरएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
रेलवे का निजीकरण असंभव, रेल कर्मियों के हाथों में सुरक्षित है रेल
शिवगोपाल मिश्रा ने पत्रकारों से कहा कि भारतीय रेलवे का निजीकरण असंभव है। यूपीए ने कोशिश की है, एनडीए शासन आया तो कोशिश की। रेल का निजीकरण संभव नहीं है। कुछ ऐसे काम हैं, जो कि निजी क्षेत्रों में जा रहे हैं।
खास तौर पर ट्रैक मेंटेनेंस, कुछ इलेक्ट्रिक भी है। हालांकि परिचालन संभव नहीं है। रेल कर्मियों के सुरक्षित हाथों में रेल है। आने वाले समय में रेल कर्मचारियों का काम बढ़ेगा, ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। वंदे भारत चल रही है, अमृत भारत ट्रेनें आएंगी। पहले साढ़े 11 हजार फ्रेट ट्रेन थी, जो कि अब साढ़े 13 हजार हो गई हैं।
परिचालन, मेंटनेंस के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। उपभोक्ताओं को संतुष्टि निजी से नहीं बल्कि सरकारी में ही होगी। न्यू जलपाईगुड़ी ट्रेन हादसे में क्या था कि लोको पायलट चार रात से जगा था, नियम तोड़कर ड्यूटी कराई जाएगी तो फिर चीजें प्रभावित होंगी।