उन्होंने कहा कि पार्षद अपने घर में कार्यालय खोलें। इसमें खुद बैठें। यदि कहीं जाएं तो परिवार के किसी सदस्य को बैठाएं ताकि आम जनता अपनी समस्याएं लेकर आए। जनता की बात सुनें और समस्या का समाधान कराएं। मौखिक बातचीत या फिर आश्वासन तक सीमित न रहें। पार्षद प्रतिदिन शाम को नगर निगम जाएं। जनता की समस्या का निस्तारण कराएं। इसके अलावा सरकार की योजनाओंं का लाभ जनता को मिल रहा है या नहीं, यह जरूर देखें। पात्रों को सरकार की योजनाओंं का लाभ जरूर दिलाएं।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी से कमर कस लें। नेता और कार्यकर्ता घर- घर जाएं और सरकार की योजनाओं की जानकारी दें। इससे पहले सभी प्रधानमंत्री पार्षदों के पास गए और उनका हाल जाना। पार्षदों से बात भी की है। बैठक में शहर के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों के अलावा भाजपा पदाधिकारी संगठन के जुड़े नेता, पार्षद शामिल रहे।
महिला पार्षद मोटे अनाज से बनी रोटी लेकर आईं और सब्जी के साथ चाव से खाया। यह देख प्रधानमंत्री गदगद दिखे। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज को वैश्विक मान्यता मिली है। अब घर-घर संदेश पहुंच गया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।