बच्चों की बातें सुनकर मुहल्ले के व्यक्ति ने जानकारी दी
मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला ने बताया कि सुनील शुक्ला की करतूत और उसकी धमकी से चारों बच्चे डरे हुए थे। किसी भी बच्चे ने अपने घर के किसी सदस्य से कोई बात नहीं बताया था। चारों बच्चों की आपस की चर्चा को मुहल्ले के ही एक व्यक्ति ने सुन लिया था और फिर उसने हकीकत बताई। तब जाकर बच्चों से पूछताछ की गई तो उन्होंने आपबीती सुनाई।
जानकारी मिलते ही तत्काल गए थे संकटमोचन चौकी
बृहस्पतिवार की दोपहर चारों बच्चों की माताओं ने लंका थाने में पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही बीते एक जून को संकटमोचन पुलिस चौकी पर शिकायत की गई थी। मगर, संकटमोचन चौकी की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद लंका थाने की पुलिस से शिकायत की, लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर धैर्य जवाब दे गया और वह दोबारा लंका थाने आने को बाध्य हुईं। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला ने कहा कि लंका थानाध्यक्ष ने सुनील शुक्ला को हवालात में डाल दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह सजा से बच नहीं पाएगा। लंका थानाध्यक्ष की कार्रवाई और बातों से आश्वस्त होकर घर चले आए।