रत्नेश्वर महादेव मंदिर।
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ये है मंदिर की प्रचलित कथाएं
मंदिर का इतिहास भी बेहद दिलचस्प बताया जाता है। इस मंदिर के निर्माण बारे में भिन्न-भिन्न कथाएं कही जाती हैं। डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि रत्नेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना राजमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की दासी रत्नाबाई ने करवाया था। आधार कमजोर होने के कारण कालांतर में यह मंदिर एक ओर झुक गया, जो अपने आप में अनोखा है। गर्भगृह में एक या दो नहीं बल्कि, कई शिवलिंग स्थापित हैं। इसे शिव की लघु कचहरी भी कहा जाता है। कई लोग तीर्थ यात्रियों और श्रद्धालुओं को इसे काशी करवट बताकर मूर्ख बनाते हैं। जबकि काशी करवट मंदिर कचौड़ी गली में है।