धाम जाने की राह में न सर पे छांव न पानी का इंतजाम
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि इस समय श्रद्धालुओं की संख्या धाम में अधिक है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर क्षेत्र में इंतजाम कराए गए हैं। कैनोपी लगाने के साथ ही मैट भी बिछवाया गया है।
बेहोश होकर गिरा कर्मचारी
रविवार को धाम के गेट वे ऑफ कॉरिडोर के पास काम कर रहा मजदूर सुरेश (51) रविवार की दोपहर में गर्मी के कारण बेहोश होकर गिर पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने उसे उठाया और कार्यालय ले गए। इसके बाद उसे मंडलीय चिकित्सालय भेजा गया। श्री काशी विश्वनाथ धाम में शनिवार को गर्मी के कारण दो श्रद्धालु गिरकर बेहोश हो गए थे। इसमें से एक कर्मचारी को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया जबकि दूसरी महिला श्रद्धालु की हालत गंभीर बनी हुई है।
बेहोश श्रद्धालु को अस्पताल ले जाते जवान
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काशी विश्वनाथ धाम में रविवार को तेज गर्मी के कारण तीन श्रद्धालु बेहोश हो गए। उसमें से एक महिला श्रद्धालु की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि दो को प्राथमिक इलाज के बाद छोड़ दिया गया। लगातार दूसरे दिन धाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं के मरने और बेहोश होने की घटना के बाद मंदिर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतने लगा है।
रविवार को कर्नाटक के बेलगाम की आशा देवी (57) परिवार के साथ दोपहर तीन बजे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंची। इस दौरान गर्मी के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। मंदिर परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने आशा को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल भेजा। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं दोपहर में एक बुजुर्ग और एक बच्चा भी गरमी के कारण बेहोश हो गया। मौके पर ही दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया। होश आने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
धाम परिसर में लगाया गया कैनोपी नाकाफी
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शनिवार को भी मंदिर परिसर में गर्मी के कारण आंध्र प्रदेश के अल्लापार्ती चंद्रबोस (75) की मौत हो गई थी जबकि तमिलनाडु के कांचीपुरम की एम कामाक्षी बेहोश हो गई थीं। उनका इलाज मंडलीय अस्पताल में कराया गया। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि हीटस्ट्रोक को अलग वार्ड बनाया गया है और इमरजेंसी के डॉक्टरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। एंबुलेंस संचालकों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है।