म्योरपुर थाना क्षेत्र में एक साल पहले मानसिक रूप से कमजोर युवक की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम खलीकुज्ज्मा की अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन के मुताबिक, दुद्धी कोतवाली के ग्राम नौडिहा निवासी धनसिंह ने सात सितंबर 2022 को म्योपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर अपने पुत्र इंद्रदेव की हत्या का आरोप लगाया था। बताया कि इंद्रदेव मानसिक रूप से कमजोर था। वह पांच सितंबर को घर से कहीं चला गया। उसकी खोजबीन की जा रही थी। इस बीच सात सितंबर को उसका शव म्योरपुर के कुदरी गांव में पलाश के पेड़ पर फंदे से लटकता मिला।
छानबीन में पता चला कि गांव के विनोद अगरिया और रामसूरत ने लाठी-डंडे से पीटकर उसकी हत्या कर दी थी। घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया। केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। दोनों पक्षों के गवाहों को सुनने और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।