Varanasi News: इस बार बीएचयू ने यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक पीएचडी में प्रवेश के लिए जो निर्णय लिया है, उसमें यूजीसी नेट 2024 उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही प्रवेश के लिए योग्य माना गया है। गेट का कोई जिक्र नहीं है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सत्र 2024-25 के पीएचडी में प्रवेश के लिए ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) पास अभ्यर्थियों को अब सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। उन्हें भी यूजीसी की जून में होने जा रही योग्यता परीक्षा नेट के जरिये पीएचडी में दाखिले के लिए आवेदन करना होगा। बीएचयू ने यूजीसी की जिस गाइडलाइन के आधार पर पीएचडी में प्रवेश का निर्णय लिया है, उसमें गेट पास अभ्यर्थियों को दाखिला देने का प्रावधान नहीं है।
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गेट का आयोजन भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के संयुक्त तत्वावधान में किया जाता है। गेट के स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को इंजीनियरिंग के परास्नातक पाठ्यक्रमों और पीएचडी में दाखिला दिया जाता है।
बीएचयू के अपर परीक्षा नियंता प्रो. जीपी सिंह ने बताया कि गेट पास अभ्यर्थियों को भी यूजीसी नेट में शामिल होना होगा। उन्हें गेट के स्कोर के आधार पर पीएचडी में प्रवेश देने का प्रावधान गाइडलाइन में नहीं है। उल्लेखनीय है कि बीएचयू ने पीएचडी के सत्र 2024 में प्रवेश के लिए यूजीसी की नई गाइडलाइन के मुताबिक अर्हता निर्धारित की है। इसके अनुसार 2024 के जून में होने जा रहे नेट के स्कोर के आधार पर ही पीएचडी में दाखिला दिया जाएगा। पुराने नेट अभ्यर्थियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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जेआरएफ की वैलिडिटी खत्म होने तक होगा एडमिशन
बीएचयू के पीएचडी पाठ्यक्रम 2024 में प्रवेश के लिए जेआरएफ क्वालिफाई उम्मीदवार ही अर्ह होंगे। अपर परीक्षा नियंता के मुताबिक जेआरएफ क्वालिफाई छात्र-छात्राओं की फेलोशिप की वैलिडिटी खत्म होने तक पीएचडी में प्रवेश के लिए एग्जेम्टेड मोड में योग्य माना जाएगा। लेकिन, यदि वह अभ्यर्थी रेट में भी फाइट करना चाहता है तो उसे आगामी नेट परीक्षा में शामिल होना होगा। उसके स्कोर के आधार पर ही उसकी पात्रता तय की जाएगी।