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यूपी के चुनावी रण में उतर रहे साइबर योद्धा: डिजिटल चुनाव प्रचार को लेकर उम्मीदवार रख रहे हैं एक्सपर्ट

Thu, 20 Jan 2022 01:09 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण राजनीतिक पार्टियों की किसी भी तरह की रैली, पदयात्रा, रोडशो, जनसभा पर भी 22 जनवरी तक रोक लगी है। लिहाजा, सब कुछ अब वर्चुअल हो चुका है।
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आईटी एक्सपर्ट और डिजिटल फ्रेंडली युवक-युवतियां संभाल रहे कमान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना के साये में होने वाले इस बार के विधानसभा चुनाव में जनसभा, रैली और नुक्कड़ सभाओं पर रोक है। लिहाजा, सब कुछ अब वर्चुअल हो चुका है। नेता और जनता के बीच जुड़ने की कड़ी एक मात्र अब डिजिटल प्लेटफार्म ही है। इसलिए राजनीतिक पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत अब डिजिटल प्रचार प्रसार पर झोंक दी है।

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गली-गली और मोहल्ले, गांव, कस्बे में डिजिटल प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी साइबर योद्धाओं को दी जा रही है। राजनीतिक पार्टियों के अलावा विधानसभा की दावेदारी करने वाले भी खुद साइबर एक्सपर्ट साथ में रख रहे हैं। आईटी एक्सपर्ट और डिजिटल फ्रेंडली युवक और युवतियां आकर्षक पैकेज पर विधानसभा चुनाव के प्रचार प्रसार की कमान संभाल रही हैं।

मतदाताओं के बीच पहुंचने का सशक्त माध्यम डिजिटल प्लेटफॉर्म
चुनाव आयोग का सख्त आदेश है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए फिजिकल चुनाव प्रचार न हो। किसी भी तरह की रैली, पदयात्रा, रोडशो, जनसभा पर भी 22 जनवरी तक जिला प्रशासन ने रोक लगा रखी है।
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वैसे भी कम समय में अधिक से अधिक लोगों और अपने मतदाताओं के बीच पहुंचने का सबसे सशक्त माध्यम आज के जमाने में डिजिटल प्लेटफार्म हैं। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर पेज और ग्रुप बनाकर बहुत से नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार प्रसार शुरू भी करा दिया है।

बंगलूरू से आई आईटी एक्सपर्ट की टीम

एक नेताजी ने तो बंगलूरू से आईटी एक्सपर्ट की टीम बुलवा ली है और बकायदा अपने कार्यालय में वार रूम भी तैयार करा लिया है। हर दिन क्षेत्र की गतिविधियां उनके पेज और एकाउंट पर पोस्ट की जा रहीं हैं। जिले में इस बार 30 लाख मतदाता 8  विधानसभा क्षेत्रों में अपने-अपने विधायक को चुनेंगे।
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2017 से महंगा हुआ 2022

डिजिटल प्रचार प्रसार की कमान संभाले अस्सी निवासी आईटी एक्सपर्ट सुदीप्त मणि त्रिपाठी के अनुसार डोमेन, एसएमएस और इंटरनेट पैकेज पिछले विधानसभा चुनाव 2017 से महंगे हो गए हैं। इस बार इंटरनेट पर जो डोमेन 600 रुपये में मिलता था, उसके रेट अब एक हजार रुपये हो गए हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर कई दावेदारों ने संपर्क किया। कुछ उम्मीदवारों का काम लेकर चुनावी रण में साइबर योद्धाओं को उतार दिया गया है।
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