वैसे भी कम समय में अधिक से अधिक लोगों और अपने मतदाताओं के बीच पहुंचने का सबसे सशक्त माध्यम आज के जमाने में डिजिटल प्लेटफार्म हैं। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर पेज और ग्रुप बनाकर बहुत से नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार प्रसार शुरू भी करा दिया है।
एक नेताजी ने तो बंगलूरू से आईटी एक्सपर्ट की टीम बुलवा ली है और बकायदा अपने कार्यालय में वार रूम भी तैयार करा लिया है। हर दिन क्षेत्र की गतिविधियां उनके पेज और एकाउंट पर पोस्ट की जा रहीं हैं। जिले में इस बार 30 लाख मतदाता 8 विधानसभा क्षेत्रों में अपने-अपने विधायक को चुनेंगे।
डिजिटल प्रचार प्रसार की कमान संभाले अस्सी निवासी आईटी एक्सपर्ट सुदीप्त मणि त्रिपाठी के अनुसार डोमेन, एसएमएस और इंटरनेट पैकेज पिछले विधानसभा चुनाव 2017 से महंगे हो गए हैं। इस बार इंटरनेट पर जो डोमेन 600 रुपये में मिलता था, उसके रेट अब एक हजार रुपये हो गए हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर कई दावेदारों ने संपर्क किया। कुछ उम्मीदवारों का काम लेकर चुनावी रण में साइबर योद्धाओं को उतार दिया गया है।
पढ़ेंः तो क्या आजमगढ़ की इस सीट से अखिलेश यादव लड़ेंगे चुनाव, सपा जिलाध्यक्ष ने भेजा न्योता