जिले में डेंगू से दो मौतों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। ब्लड बैंकों से प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। अस्पतालों में हर दिन डेंगू, मलेरिया, सर्दी, खांसी, वायरल फीवर के मरीज पहुंच रहे हैं। उधर शनिवार को मंडलीय अस्पताल के डेंगू वार्ड में राजेश जायसवाल(28) को भर्ती किया गया।
जिले में बाढ़ के दौरान लंबे समय पानी जमा होने से डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। नगर निगम की ओर से न तो सफाई और न ही फागिंग कराई जा रही है। एक सप्ताह में पांच से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। महावीरनगर निवासी एक दंत चिकित्सक समेत दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। डेंगू पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम भले ही व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा कर रहे हों लेकिन जिस तरह से रोज नए-नए मरीज आ रहे हैं, दावों की पोल खुलती जा रही है।
मंडलीय अस्पताल, रामनगर, दीनदयाल उपाध्याय अस्पतालों में डेंगू पीड़ितों के लिए अलग से वार्ड तो है लेकिन मच्छरदानी की कमी है। ऐसा तब है जब दो दिन पहले ही वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने सीएमओ को डेंगू मरीजों की नियमित मानीटरिंग का निर्देश दिया था। उधर नगर स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाकों के अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी फागिंग कराई जा रही है। इस बीच मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में ओपीडी में जांच कराने आए राजेश जायसवाल का प्लेटलेटस कम होने के बाद डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया।