वसंत पंचमी के दिन ही 1916 में बीएचयू की हुई थी स्थापना
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बीएचयू की स्थापना के लिए जो शिलान्यास हुआ था, वह स्थान इस समय ट्रामा सेंटर परिसर में है। दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के सामने स्थित एक मंदिर भी है, जहां उस समय की शिलान्यास की पट्टिका भी लगी है।
हर साल स्थापना दिवस पर सबसे पहले कुलपति पहुंचकर विधि विधान से पूजन करते हैं। इसके बाद अन्य कार्यक्रम होते हैं। इस साल भी पांच फरवरी को पूरे विधि विधान से पूजा की जाएगी। कुलपति प्रो. सुधीर जैन सहित अन्य अधिकारी सुबह पहुंचकर परंपरागत तरीके से पूजन करेंगे।
बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार जैन
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वर्ष 1916 में बीएचयू की स्थापना हुई थी। इस तरह स्थापना के 107 साल पूरे हो गए हैं। छात्रों की संख्या बढ़ने, सुविधाओं में साल दर साल इजाफा, शोध के साथ ही खेलकूद की प्रतिस्पर्धाओं से लेकर कैंपस सलेक्शन सहित अन्य उपलब्धियों से विश्वविद्यालय की नई पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर हुई। इसकी खासियत यह है कि शिक्षा के साथ ही कृषि क्षेत्र और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना संक्रमण की वजह से शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी।
बीएचयू कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने कहा कि बीएचयू की स्थापना के 107 साल पूरे होना हम सभी के लिए गौरव की बात है। इस एतिहासिक संस्थान के निरंतर विकास की दिशा में सभी के सहयोग से हर संभव बेहतर कार्य किया जा रहा है। शिक्षा, शोध, स्वास्थ्य सभी क्षेत्रों के माध्यम से इसकी ख्याति को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए विकास की यह यात्रा जारी रहेगी।
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