वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन
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कुल मिलाकर 118 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण काम पूरा होने के बाद सुपरफास्ट ट्रेनों से एक से डेढ़ घंटे में सफर पूरा हो सकेगा। वाराणसी और आसपास के क्षेत्र में मानव रहित रेलवे क्रासिंग नहीं है।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने कहा कि वाराणसी प्रयागराज रेल परियोजना को 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही घाघरा पर दो पुल और लालगंज आजमगढ़ रेल मार्ग के सर्वेक्षण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
मऊ-गाजीपुर-ताड़ीघाट के बीच 51 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना के लिए भी बजट में 350 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 1060 करोड़ रुपये की इस परियोजना में अब तक 528 करोड़ रुपये खर्च हो गए हैं। वर्ष 2023 तक इस परियोजना को पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
बजट में बेल्थरा रोड से लार रोड के बीच एक पुल घाघरा पर बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही छपरा मांझी के बीच भी एक पुल घाघरा पर बनाया जाएगा। इन पुलों के निर्माण के बाद बिहार से पूर्वांचल की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।