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Bhai Dooj Puja 2021: भैयादूज की पूजा के लिए कुंडों से गंगा तट तक रेला,पहले भाइयों को श्राप, फिर जीभ पर चुभाए कांटे

Sat, 06 Nov 2021 04:37 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

यम द्वितीया पर शनिवार को बहनों ने भाइयों के प्रति स्नेह की अभिव्यक्ति अनूठे अंदाज में की। वाराणसी के गंगा तट, कुंडों पर गोधन कूटने के लिए महिलाओं का रेला उमड़ पड़ा।
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भैयादूज की पूजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व भैयादूज पर शनिवार को काशी में सड़कों की पटरियों से लेकर कुंडों और गंगा तटों तक व्रतियों का मेला लग गया। बहनों ने गोधन कूटे। भाइयों को भला-बुरा कहने के बाद अपनी जीभ पर गुम भटकैया के कांटे चुभाकर पश्चाताप भी किया। भैया-दूज की पूजा के लिए शहर से ग्रामीण इलाके तक उत्सव जैसा माहौल नजर आया।
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कभी यमी ने अपने भाई यमराज के लिए यह पूजा की थी। रक्षाबंधन के बाद भाई-बहन का त्योहार भैया दूज शनिवार को उत्साह के साथ मनाया गया। नए परिधानों में सजी-धजी बहनों ने पूजा से पहले तक निर्जला व्रत रखकर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की और भगवान गोवर्धन की पूजा के बाद भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनका मुंह मीठा कराया।  

भैया दूज पर्व के दिन सुबह से ही सड़कों के किनारे, कुंडों और गंगा तट पर समूहों में महिलाओं का रेला उमड़ पड़ा। रुई से गोवर्धन पर्वत बनाकर पूजा की गई। गोधन कूटने की रस्म भी पूरी की गई। भैया दूज व्रत रखने वाली महिलाओं, युवतियों ने गंगा स्नान के बाद समूहों में सविधि पूजा की।
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भैयादूज की पूजा - फोटो : अमर उजाला
अस्सी स्थित पुष्कर तालाब, ईश्वरगंगी तालाब, शिवाला, लंका, सुंदरपुर, करौंदी, नगवां, करौंदी, सामनेघाट, ककरमत्ता, लहरतारा, शिवदासपुर क्षेत्र में सड़क किनारे महिला समूहों ने गोधन कूटने की रस्म निभाई। भगवान गोवर्धन को लाई, चूड़ा, चीनी की बनी घरिया व नारियल आदि चढ़ाया गया।

फिर मूसल से ईंट पर सुपारी को कूटने के बाद गोट की पांच बार परिक्रमा कर पूजा संपन्न की। पूजा के बाद बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर व मिष्ठान खिलाने के बाद बहनों ने जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया। इसके बाद भाई बहनों ने एक दूसरे को उपहार दिए। 
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