घाट पर दलदल जैसी स्थिति
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गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाट किनारे गंगा द्वारा बहाकर लाई गाद और मलबा एकत्र होने से स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्सी घाट से लेकर भदैनी घाट तक मलबा पड़ा हुआ है। दीपावली के बाद 8 नवंबर को तुलसी घाट पर नाग नथैया लीला का आयोजन होगा।
गंगा के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी ने आयोजकों को चिंता में डाल दिया था, लेकिन गिरावट के बाद तैयारियों ने गति पकड़ ली है। आयोजन के सिलसिले में गत दिवस पुलिस कमिश्नरेट की ओर से अधिकारियों ने आयोजन स्थल का जायजा लिया और संकट मोचन महंत से जानकारी ली। महंत ने बताया कि मेला धूमधाम से होगा, तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नाग नथैया के बाद घाटों पर सूर्य उपासना का पर्व डाला छठ मनाया जाएगा।
ज्योतिषाचार्य विमल जैन के अनुसार इस बार चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व आठ नवंबर सोमवार से प्रारंभ होकर 11 नवंबर गुरुवार तक चलेगा। कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सात नवंबर रविवार को शाम 4:23 से आठ नवंबर सोमवार को दिन में 1:17 तक, आठ नवंबर सोमवार को व्रत का प्रथम नियम संयम।
- कार्तिक शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि आठ नवंबर सोमवार को दिन में 1:17 से नौ नवंबर मंगलवार को दिन में 10:36 तक नौ नवंबर मंगलवार को द्वितीय संयम एक समय खरना।
- कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि नौ नवंबर मंगलवार को दिन में 10:36 से 10 नवंबर बुधवार को प्रात: 8:26 तक 10 नवंबर बुधवार को व्रत के तृतीय संयम के अंतर्गत सायं काल अस्ताचल सूर्य देव को प्रथम अर्घ्य दिया जाएगा।
- कार्तिक शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 10 नवंबर बुधवार को 8:26 से 11 नवंबर गुरुवार को सुबह 6:50 तक रहेगा 11 नवंबर गुरुवार को 11 नवंबर गुरुवार को चतुर्थी एवं अंतिम संयम के अंतर्गत प्रात: काल उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देकर छठ व्रत का पारण किया जाएगा।