मिर्जापुर में खड़ीं एंबुलेंस।
- फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने कहा कि कि मरीजों को दिक्कत न हो उसके लिए मझवारा, चिरैयाकोट और महिला जिला अस्पताल में तीन एंबुलेंस तैनात रहेंगी। इसके पायलट, ईएमटी ड्यूटी करेंगे। इससे पहले एंबुलेंसकर्मियों ने सोमवार की सुबह जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान अनिल दुबे, सुनिल कुमार, मोहन कुमार, राधेमोहन आदि एंबुलेंसकर्मी मौजूद रहे।
जौनपुर में खड़ीं एंबुलेंस।
- फोटो : अमर उजाला।
मिर्जापुर में भी हड़ताल
जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने समायोजन की मांग पूरी न होने पर रविवार की रात से एंबुलेंस खड़ी कर हड़ताल शुरू कर दी। रात 12 बजे से चंदइपुर के मैदान में एंबुलेंस खड़ी हो रही हैं। सुबह आठ बजे तक लगभग 30 से 35 एंबुलेंस खड़ी हो गई थीं। एंबुलेंस की हड़ताल से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में 102 की 31, 108 की 31 व एएलएस की कुल तीन गाड़िया हैं। अभी अन्य वाहन चल रहे हैं। धीरे-धीरे एंबुलेंस खड़ी हो रही हैं। सभी गाड़ियों के खड़ा होने पर समस्या बढ़ सकती है।
संगठन के जिलाध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा कि एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर कर्मचारियों को ना बदला जाए, अनुभवी कर्मचारियों को ही रखा जाए। कोरोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभा रहे कोरोना योद्धाओं, कोरोना वारियर्स एंबुलेंस कर्मचारियां को ठेकेदारी से मुक्ति दी जाए। कोरोना काल में शहीद हुए आश्रितों के परिवार को जल्द बीमा राशि 50 लाख दी जाए। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी भी तरह की कटौती न की जाए।