बच्चों का मन पढ़ाई से हट गया है और उनकी कक्षा में लंबे समय तक अनुशासन के साथ बैठने की आदत समाप्त हो गई है। इससे बहुत समस्या बच्चों को पढ़ाने में आ रही है। मोबाइल से पढ़ने की आदत ने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। किसी भी प्रश्न को पूछने पर अब छात्र-छात्राएं गूगल का सहारा लेने लग गए हैं।
क्या बोले छात्र
कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प तो बेहतर मिला। लेकिन ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हुई तो दो सालों की ऑनलाइन कक्षाओं के कारण बच्चों को पुराने ढर्रे पर लाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
- पीयूष दुबे, बाल विद्यालय सीनियर सेकें डरी स्कूल, पड़ाव
कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई से कोर्स तो किसी तरह पूरा हो गया, लेकिन सीखने के नाम पर कुछ खास नहीं मिला। अब नियमित कक्षाओं में उन्हें कई गतिविधियों से जोड़क र पढ़ाया जा रहा है।- कविता बसाक, सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय कोटवां
ऑनलाइन क्लास के लिए अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा। दो या फिर अधिक बच्चे होने के कारण परिवार में सभी को एक साथ क्लास करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोविड में सबसे ज्यादा परेशानी अभिभावकों को ही हुई।
- गजानन विश्वकर्मा, केशरीपुर