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बीएचयू ः नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप, शिकायत पीएमओ तक

Tue, 15 Dec 2015 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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बीएचयू में शिक्षक पदों पर हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी की शिकायत पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) तक से की गई है। आरोप है कि इतिहास विभाग में पात्र अभ्यर्थियों को दरकिनार कर ऐसे भी लोगों का चयन किया गया है, जिनके शोधपत्र नकल किए दस्तावेजों पर आधारित हैं।
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इसी तरह पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में भी यूजीसी के नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति करने का आरोप लगाया गया है। धनंजय कुमार ने कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के अलावा मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी से भी इसकी शिकायत की, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। कुलपति का कहना है कि साक्षात्कार में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर अभी तक उनसे कोई नहीं मिला है।

शिकायत मिली तो तत्काल जांच कराकर उचित कदम उठाया जाएगा। सामाजिक विज्ञान संकाय के इतिहास विभाग में बीते 28 सितंबर को सात शिक्षक पदों के लिए साक्षात्कार कराया गया था। इसमें दो ऐसे अभ्यर्थियों के चयन पर उंगली उठाई गई है, जिनके दस्तावेज नकल के आधार पर तैयार कराए गए हैं।
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इसकी शिकायत साक्षात्कार से वंचित अभ्यर्थी धनंजय कुमार ने तो वीसी, मानव संसाधन मंत्री और पीएमओ से की है। इससे पहले इतिहास विभाग की ही एक प्रोफेसर ने कुलपति से बीते चार दिसंबर को इसकी शिकायत की थी। महिला प्रोफेसर ने नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों के संबंध में अपनी ओर से 16 नवंबर 2015 को दिए एक पत्र की ओर कुलपति का ध्यान आकर्षित कराया है।

कहा है कि ‘इतिहास विभाग में नियुक्त डॉ. अशोक कुमार सोनकर के नकल किए दस्तावेजों के बारे में मैं आपको पहले ही बता चुकी हूं। अब एक और नकलची सत्यपाल यादव के बारे में आपको सूचित कर रही हूं।’ वीसी को संबोधित शिकायती पत्र में महिला प्रोफेसर ने कहा है कि दोनों के बारे में सूचना देने के बाद भी उनको साक्षात्कार के लिए बुलाने और चयन कर लेने से चयन प्रक्रिया पर संदेह उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने उस चयन बोर्ड के जरिए विभाग में हुई सभी सात शिक्षक पदों पर नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेजों की छानबीन कराने का भी आग्रह किया है। कहा है कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन को अंधेरे में रखकर इसी तरह अक्षम लोगों की भर्तियां की जाती रहीं तो महामना की तपोभूमि की प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। उधर, शिकायतकर्ता धनंजय ने सोमवार को कहा है कि अगर इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने न्याय नहीं किया तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

इसी तरह पत्रकारिता एवं जन संचार के शैक्षिक पदों पर यूजीसी के नियमों को ताक पर रखकर चयन में भारी धांधली करने की शिकायत सरायनंदन के डॉ. शिवजी सिंह ने भी वीसी के अलावा, मानव संसाधन मंत्रालय, पीएमओ से की है। इसमें हिंदी में नेट और पीएचडी करने वाले का चयन पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग में करने का आरोप लगाया गया है।
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