इनमें 12 लोगों ने मुआवजा लेकर मकान खाली कर दिया है। जिसे तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। बाकी लोगों से मुआवजा लेने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि पिता-दादा के जमाने से भी लोग यहीं पर काबिज हैं। प्रशासन बगैर जमीन का मुआवजा दिए उन्हें हटा रहा है। ऐसी स्थिति में वे पूरा परिवार लेकर कहां जाएंगे। निर्माण के साथ-साथ प्रशासन जमीन का भी मुआवजा दे।
एसडीएम सदर ने कहा कि यहां फुलवरिया फोरलेन का निर्माण होना है। पीडब्ल्यूडी को सड़क बनानी है। सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा किया है। सेना की जमीन को अतिक्रमण करने वालों को उनके निर्माण का मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि वे जमीन का मुआवजा मांग रहे हैं।
जमीन का मुआवजा उसे मिलता है, जिसके नाम से जमीन होती है। यह जमीन सेना के नाम से है। इस नाते जमीन का मुआवजा इन लोगों को नहीं मिल पाएगा। इसके बदले इन लोगों को आसरा योजना के तहत घर दिया जाएगा।