संपूर्ण मंदिर परिसर सहित ब्रम्ह हत्या दोष मुक्ति स्थल श्री कपाल मोचन तीर्थ की विशेष सजावट की गई थी। रात्रि में मुन्ना लाल यादव ने बाबा की आठ विधियों धूप, दीप, कपूर, लोहबान, पुष्प, जल, वस्त्र, चंवर से भव्य आरती उतारी। बाबा का मनोहारी और अद्भुत दर्शन हृदय को आह्लादित कर रहा था। मंदिर के चबूतरे पर एक ओर संगीतमय सुंदर कांड पाठ किया जा रहा था।
दूसरी ओर भंडारे में भक्तगण प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। परंपरानुसार कुंड के समीप स्थित रामबाग में नगर वधुओं ने बाबा के दरबार में अपनी मनमोहक प्रस्तुति से हाजिरी लगाई। देर रात्रि पाक्षिक अष्टमी पूजन आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान समिति के अध्यक्ष हरिहर पांडेय, बसंत सिंह राठौर, मंत्री मुन्ना लाल यादव, बच्चेलाल, विक्रम सिंह राठौर, अजय सिंह, शिवम अग्रहरि, मंदीप आदि उपस्थित रहे।
वाराणसी में शनिवार को भैरव अष्टमी के अवसर पर बाबा कालभैरव का किया गया श्रृंगार।
- फोटो : अमर उजाला
कालभैरव की आरती के बाद जन्मोत्सव पर फल और पंचमेवा से निर्मित 701 किलो का केक काटा गया। मंदिर चौक पर प्रसाद भी वितरित किया गया। इस दौरान प्रिंस गुप्ता, पंकज चतुर्वेदी, संतोष दुबे, नवीन गिरि, आशीष गुप्ता, सागर केशरी, संजय दुबे, अभिषेक, आनंद गुप्ता, प्रदीप पांडेय आदि मौजूद रहे।
बटुक भैरव का हुआ शृंगार
दक्षिणामूर्ति काली मंदिर में विराजमान बटुक भैरव का शृंगार किया गया। व्यवस्थापक राजू गिरि ने बताया कि विधिविधान से पूजन व शृंगार के बाद रात में महा आरती उतारी गई। वहीं, कमच्छा स्थित बटुक भैरव मंदिर में बाबा के बाल स्वरूप का शृंगार और पूजन हुआ।