घोरावल। कायाकल्प योजना के कार्यों की जांच के लिए शनिवार को लखनऊ से आई स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने घोरावल सीएचसी का निरीक्षण किया। अस्पताल में लगे अग्निशमन यंत्रों और वाटर प्यूरीफायर बेकार होने पर नाराजगी जताते हुए अधीक्षक को शीघ्र सुधार कराने के निर्देश दिए। शनिवार को दोपहर डॉ. आरपी सोलंकी, डॉ. क्षितिज पाठक व डॉ. कैफ अख्तर की टीम ने अस्पताल का गहन अवलोकन किया। प्रशासनिक भवन में फार्मेसी रूम, ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, पर्ची वितरण कक्ष, फार्मासिस्ट कक्ष, एक्सरे कक्ष आदि जगहों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
एक्सरे मशीन खराब होने पर टीम ने अधीक्षक को मरम्मत का निर्देश दिया। टीम ने सीएचसी भवन व परिसर में साफ सफाई व्यवस्था और हर्बल बागवानी का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम ने 50 बेड के मैटर्निटी विंग भवन में डॉक्टर कक्ष, दवा वितरण कक्ष, कोविड टीकाकरण, जच्चा बच्चा वार्ड, गर्भवती महिलाओं की विभिन्न जांच व्यवस्था का निरीक्षण किया और महिलाओं से स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। यहां भवन के बाहर लगे वाटर प्यूरीफायर सिस्टम खराब होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की। अस्पताल भवनों में लगे अग्निशमन यंत्र खराब होने पर भी असंतोष जताते हुए शीघ्र सुधार का निर्देश दिया।
टीम के सदस्यों ने बताया कि सीएचसी में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने महात्वाकांक्षी कायाकल्प योजना शुरू की है। टीम ने बताया कि कायाकल्प मानक पर अच्छे प्रदर्शन करने वाली सीएचसी को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सीएचसी को 15 लाख रुपये, द्वितीय स्थान को 10 लाख रुपये व मानक के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन करने वाले सीएचसी को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रिपुंजय श्रीवास्तव, सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. मुन्ना प्रसाद, डॉ. देवेश पांडेय, डॉ. अंकित सिंह, डॉ. संग्राम सिंह, डॉ आरसी यादव, बीपीएम प्रशांत दुबे आदि मौजूद रहे।