पुलिस ने एक नामजद समेत दो के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। मामले में सदर क्षेत्र निवासी राकेश मौर्या और मृत्युंजय सिंह का नाम प्रकाश में आया। दोनों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई।
मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली के अवलोकन पर राकेश मौर्या व मृत्युंजय सिंह को दोषी करार दिया। उन्हें उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़ित बहनों को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि व सत्यप्रकाश तिवारी ने बहस की।