उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम की सबसे बड़ी अनपरा परियोजना को सोमवार को भी रेल रैक से कोयले की आपूर्ति नहीं हो सकी। इससे परियोजना में कोयला संकट दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है।
2630 मेगावाट क्षमता वाली अनपरा परियोजना को पिछले एक माह से रेल रैक से कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गर्मी के मौसम में प्रदेश में बिजली की मांग में इजाफा के कारण कोयले की खपत बढ़ गई है। सभी इकाइयों के फुल लोड पर संचालित होने के कारण परियोजना को प्रतिदिन औसतन 40 हजार एमटी कोयले की खपत हो रही है, जबकि कोयले की आपूर्ति इसकी आधी हो रही है। इससे परियोजना में कोयले का स्टॉक लगातार कम हो रहा है। आसन्न संकट को देखते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के हस्तक्षेप के बाद परियोजना को शुक्रवार रात से रेल रैक से आपूर्ति शुरू तो अवश्य हुई, मगर रविवार से ही रेल रैक मिलनी बंद हो गई। परियोजना प्रबंधन के लाख कवायद के बाद भी सोमवार को रेल रैक से कोयले की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। सोमवार शाम तक परियोजना में कोयले का स्टॉक घटकर 3.25 एमटी रह गया है, जो महज आठ दिनों का ही है। मानक के अनुसार खदानों के मुहाने पर स्थित परियोजनाओं में कम से कम 15 दिन का कोयले का स्टॉक होना चाहिए। सोमवार को दिनभर प्रबंधन एनसीएल प्रबंधन व रेलवे के अधिकारियों के संपर्क में रहा।
रेल रैक से कोयले की आपूर्ति शुरू कराने की लिए गंभीरता पूर्वक प्रयास किया जा रहा है। एनसीएल प्रबंधन सहित रेलवे के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। समस्या को लेकर निगम प्रबंधन स्तर पर भी पहल की जा रही है। - इं. आरसी श्रीवास्तव, सीजीएम अनपरा परियोजना।