इससे पहले जहां दो से चार कोयला लदी मालगाड़ियां इस रेल खंड से गुजरती थीं, वहीं आज 22 से 24 मालगाड़ियां एक दिन में इस रेलखंड से गुजरने का रिकॉर्ड बना है। यदि इस रेलखंड पर स्वीकृत सभी कार्य जल्द पूरे करा दिए जाएं और चोपन-चुनार दोहरीकरण का कार्य पूर्ण करा दें तो सैकड़ों मालगाड़ियां रोजाना कोयला ढुलाई कर सकेंगी।