रेउसा (सीतापुर)। तराई इलाके में बह रही शारदा व सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बढ़ईनुपरवा में 15 घर कटान के मुहाने पर आ गए है। गांव से महज 10 मीटर दूर नदी बह रही है। पासिनपुरवा में गांव के नजदीक पानी आने से पांच परिवार अपना पक्का मकान तोड़कर पलायन करके चले गए हैं। करीब 80 बीघा परती जमीन कटान में समा गई है।
लहरपुर तहसील के कम्हरिया शेखूपुर के मजरा बढ़ईनपुरवा में नदियों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुसीबतें बढ़नी शुरू हो गई है। बढ़ईनपुरवा गांव से महज 10 मीटर दूर नदी का पानी आ गया है। इससे गांव के रविशंकर तिवारी, आदित्य तिवारी, मिश्रीलाल शुक्ला, सुशील, अशर्फी, सोबरन, प्रदीप व रामूमूर्ति सहित करीब 15 लोगों के घर कटान के मुहाने पर आ गए है।
अब यह लोग अपना सामान बटोरने में जुट गए है। इन लोगों का कहना है अगर ऐसे ही पानी बढ़ता रहा हो तो हम लोग यहां से पलायन कर जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा यहां पर बाढ़ से बचाव का कोई इंतजाम नहीं कराया जा रहा है। बोरियों में बालू डालने के बजाए केवल मिट्टी भरकर डाली जा रही है। यह मिट्टी पानी में बह रही है।
इससे बोरियों का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। यहां पर करीब 50 बीघा जमीन कट गई। पासिनपुरवा में भी जलस्तर बढ़ा है। इससे गांव के मैनेजर, सियाराम, शुभकरन, मेढ़ई, शिवशंकर ने अपना मकान तोड़ना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है जिस तेज धार से नदी गांव की तरफ बढ़ रही है। उससे गांव कटने की आशंका बन गई है। बिसवां तहसील के म्योढ़ी छोलहा व जटपुरवा में नदी का कटान तेज हो गया है। यहां पर करीब 30 बीघा जमीन कटान में समा गई है।
उधर, रामपुर मथुरा इलाके में बह रही सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया है, नदी तेजी से कटान भी कर रही है। गुरुवार को अखरी गांव में बाढ़ के पानी से सड़क कट गई। जब गांव का कोई संपर्क मार्ग नहीं बचा तो लोग मजबूरी में इस सड़क से ही गुजरते हुए दिखाई दिए। इससे लोगों को जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरना पड़ रहा है।
पहुंचाई जा रही है मदद
नदियों का जलस्तर थोड़ा बढ़ा है। प्रभावित इलाकों में लेखपालों की टीमें निगरानी कर रही है। ग्रामीणों को कोई दिक्कत होने पर उनको मदद पहुंचाई जा रही है।
- अभिचल प्रताप सिंह, तहसीलदार, बिसवां