सीतापुर। आईजीआरएस संदर्भ का निस्तारण शासन की प्राथमिकता में है। बावजूद इसके अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। वह जनता की समस्याओं के निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं हैं। जो शिकायतें निस्तारित हुई हैं, उनकी गुणवत्ता ठीक न होने कारण पीड़ित पक्ष को राहत नहीं मिल रही है। आठ सौ से अधिक मामले लंबित चल रहे हैं, जिनका निस्तारण नहीं हो सका है।
22 मामले ऐसे हैं जो निर्धारित समय के बाद निस्तारित नहीं हुए हैं। वह डिफाल्टर श्रेणी में आ गए हैं। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर डीएम के आदेश पर एडीएम न्यायिक द्वारा सख्त रुख अपनाया जा रहा है। उनके स्तर से पूर्व में कई बार अफसरों से जवाब तलब किया जा चुका है।
आईजीआरएस मामलों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। कोरोना काल में जब लोगों को लॉकडाउन कर्फ्यू से गुजरना पड़ रहा था, उस समय समस्या समाधान का इससे बेहतर कोई जरिया नहीं था। बावजूद तमाम पीड़ितों को राहत नहीं मिल सकी। उनकी समस्या का सही ढंग से गुणवत्तापरक निस्तारण नहीं किया गया। कुछ अफसर संदर्भ निस्तारण में लापरवाही बरत रहे हैं। इस संबंध में समय-समय पर उनका जवाब भी जिला प्रशासन की ओर से तलब किया गया है।
जिले के 119 दफ्तर ऑनलाइन आईजीआरएस पोर्टल पर पंजीकृत हैं। इनके स्तर पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की जाती है। गुुरुवार को दोपहर की स्थिति के अनुसार विभिन्न अफसरों के अधीन 842 मामले लंबित थे। इनमें 22 प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी के हैं। कहने का तात्पर्य है यह मामले निर्धारित समय के बाद भी निस्तारित नहीं किए गए हैं। इन मामले की समीक्षा डीएम स्तर से की जाती है।
72 ऑनलाइन संदर्भ हैं डिफाल्टर श्रेणी में
जिले में आठ स्तरों पर 74814 सभी प्रकार के ऑनलाइन संदर्भ प्राप्त हुए हैं। इसके सापेक्ष 72659 मामले निस्तारित किए जा चुके हैं, जबकि 2083 प्रकरण लंबित हैं। इनमें से 72 संदर्भ डिफाल्टर श्रेणी में आ गए हैं।
सीएम हेल्पलाइन के दो स्तर पर लंबित हैं 2688 संदर्भ
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण संबंधी समीक्षा दो स्तर पर की जाती है। द्वितीय स्तर में जिला स्तर, क्षेत्राधिकारी स्तर एवं तहसील स्तर के अफसर होते हैं, जबकि प्रथम स्तर में निकाय, जिला स्तर, विकास खंड स्तर, क्षेत्राधिकारी स्तर, तहसील स्तर, थाना स्तर, मंडी स्तर के अधिकारी होते हैं। जिले में इन दोनो स्तरों पर 2688 मामले लंबित हैं, जबकि 46 प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में हैं।
डीएम ने 16 डिफाल्टर अफसरों का किया जवाब तलब
जन शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीएम विशाल भारद्वाज ने नौ मार्च को एवं समय-समय पर मौखिक रूप से एवं बैठकों के मार्फत अफसरों को निर्देशित किया जाता रहा है। आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, तहसील दिवस आदि माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। तमाम अफसरों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
डीएम ने 27 जुलाई को आईजीआरएस पोर्टल पर प्रदर्शित सूचना के अनुसार जिन अफसरों ने निर्धारित समय के बाद भी शिकायत का निस्तारण नहीं किया, ऐसे 18 अफसरों का डिफाल्टर प्रकरणों के कारण स्पष्टीकरण 28 जुलाई को मांगा है। इसके मार्फत 15 अफसरों से कहा है ऐसा प्रतीत हो रहा है आप द्वारा जन शिकायतों के निस्तारण के प्रति अपेक्षित रुचि न लेते हुए शासकीय निर्देशों को पालन नहीं किया जा रहा है। तीन दिन में स्थिति स्पष्ट करें क्यों न जन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण न करने के संबंध में ‘क्यों न माह जुलाई को वेतन अवरुद्ध कर दिया जाए’। तीन अफसरों से कहा है क्यों न इस संबंध में प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की जाए।