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गजानन का इंतजार, महोत्सव के लिए बाजार तैयार

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छोटे हनुमान मंदिर के पास विध्नहर्ता गणेश जी की प्रतिमा लेती युवतियां। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। गणपति महोत्सव की तैयारियों को लेकर बाजार में रौनक छाई है। शुक्रवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाने के लिए तैयारियों जोरों पर हैं। हर कोई महोत्सव मनाने को लेकर उल्लास में डूबा है। बाजार भी महोत्सव मनाने को तैयार है। गणपति बप्पा की प्रतिमाएं लोगों का मन मोह रही हैं। श्रद्धालु खरीदारी के लिए उमड़ रहे हैं।
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10 सितंबर से गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू हो रहा है। इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार शाम तक लोग तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। गणपति की प्रतिमाओं की बिक्री भी शुरू हो गई है। कई दिनों तक चलने वाले इस पर्व को लेकर लोगों में उत्साह और उल्लास अभी से हिलोरे मारने लगा है। अपने आराध्य को रिझाने के लिए गणेश भक्त तैयारियों में जुट गए हैं।
इस पर्व को भक्त बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। घरों और मंडपों में गजानन की मूर्ति को स्थापित करने के बाद 11 दिनों तक उनकी सेवा की जाती है। इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन मूर्ति का विसर्जन किया जाता है। इस दिन गणपति की भव्य शोभा यात्रा निकालकर भक्तगण विदाई देते हैं। अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना करते हैं।
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इस बार बाजार में गणेश जी की इको फ्रेंडली प्रतिमाएं भी आईं है, जो भक्त का मन मोह रही हैं। इको फ्रेंडली प्रतिमाओं से पर्यावरण को नुकसान नहीं होता है।
बप्पा का हर रूप मंगलकारी और विघ्ननाशक
पंडित ज्ञानेंद्र अवस्थी बताते हैं कि भगवान श्रीगणेश की हर प्रतिमा का अपना अलग ही महत्व होता है। वे बताते हैं कि लोग प्रतिमा लेते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि कौन सी ले रहे हैं और इसके क्या मायने हैं।
बताया कि गजानन की प्रतिमा घर लाने पर नियम के साथ ही उसे स्थापित करना चाहिए। इसके लिए आचार्य से जानकारी ली जा सकती है। विधि विधान से पूजा अर्चना करना जरूरी है। बप्पा का हर स्वरूप मंगलकारी और विघ्ननाशक है।
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