सीतापुर। टिकटिक करतीं घड़ी की सुईंया बुधवार शाम को 05:03 बजा रहीं थीं, इसी बीच राहुल गांधी कार से पीएसी कैंपस में पहुंचते हैं। गेट पर ही उनका स्वागत होता है। घंटों से इंतजार कर रहीं बहन प्रियंका गांधी से मिलने के लिए राहुल लंबे पांव आगे बढ़ते हैं। कैंपस में मौजूद अफसर और नेता प्रियंका गांधी जिस कमरे में रुकी थी, उस ओर राहुल गांधी को इशारा किया जाता है।
इशारा मिलते ही कुछ पलों के भीतर राहुल अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने होते हैं। जिस भाई का बहन घंटों से इंतजार कर रहीं थी, उसे सामने देख खुशी का ठिकाना नहीं रहा। राहुल गांधी बिना देरी किए हुए बहन प्रियंका को गले लगाते हैं...। पीठ थपथपाते हैं...शाबाशी देते हैं और यहां पर मौजूद अपने नेताओं के सामने कहते हैं कि देखिए मेेेरी बहन कितनी बहादुर है।
सभी नेता सिर हिलाकर हां में जवाब देते हुए जिस मजबूती के साथ प्रियंका गांधी ने लखीमपुर की घटना के बाद आवाज बुलंद की, उसके लिए उनके नेताओं ने भी काफी सराहना की। बताते हैं कि काफी देर तक राहुल गांधी ने प्रियंका की तारीफों के पुल बांधकर उनका हौसला और बढ़ाया, इससे प्रियंका गांधी काफी गदगद हो गईं। तीन दिनों तक उन्होंने जो मेहनत की, उसकी तारीफ सुनकर चेहरे पर मुस्कान तैर गई।
प्यार, सम्मान, हौसला...शाबाशी से चेहरे पर तैरी मुस्कान
तीन दिनों तक पीएसी कैंपस में रहने वाली प्रियंका गांधी अपने भाई राहुल और बाकी नेताओं से तारीफ सुनकर काफी देर तक खुश नजर आईं। यह हम नहीं खुद अपने भाई और नेताओं के साथ पीएसी कैंपस से कार में सवार होकर जाते समय उनके चेहरे की हंसी खुद बता रही थी। ऐसे में इस खुशी के पीछे कहीं न कहीं अपनों की ओर मिला प्यार, सम्मान, हौसला और शाबाशी है। तीन दिन की मेहनत की खुशी साफ झलक रही थी।
पीएसी कैंपस में आने के बाद राहुल गांधी ने बहन प्रियंका के साथ करीब एक घंटे से अधिक का वक्त बिताया। इतनी देर तक दोनों में लंबी बातचीत हुई। प्रियंका ने किसानों को लेकर सरकार को घेरने का जो बिगुल फूंका, इसे कैसे बरकरार रखा जाए ? आगे क्या करना है, कैसे करना है, किस रणनीति के तहत आगे बढ़ना है ? सूत्र बताते हैं कि इसी पर एक घंटे तक दोनों लोगों की मंत्रणा हुई।
साए की तरह आगे-पीछे लगे रहते थे वर्दीधारी
पीएसी कैंपस में रह रहे लोगों के बाहर निकलते ही सुरक्षा में मौजूद पुलिसकर्मी साए की तरह पीछे लग जाते थे। अंदर बंद कौन नेता क्या कर रहा है, इस पर सुरक्षाकर्मी पूरी नजर रखते थे। सूत्रों का कहना है कि गेस्ट में रखे सभी नेताओं पर पूरी नजर रखी जा रही थी।