श्रावस्ती। इकौना के लालबोझी निवासी जाकिर अली की आठ वर्ष पूर्व गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पांच लोगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मंगलवार को उन्हें दोषी कराकर देते हुए अपर जिला जज ने आजीवन कारावास व तीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि एक मार्च 2014 को इकौना के ग्राम लालबोझी निवासिनी कमरुनिंशा ने इकौना पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया पीड़िता का पति जाकिर अली एक मार्च दोपहर में रमवापुर गए थे। जहां से लौटते समय शाम को गांव के पास बढ़ईपुरवा निवासी जगदेव वर्मा, रोहित वर्मा, अमित वर्मा उर्फ फूलचंद, रामानंद व रामलला ने रंजिश में उसे गोली मार दी थी। अस्पताल ले जाते हुए जाकिर अली की मौत हो गई।
विवेचना के बाद इकौना पुलिस ने जगदेव वर्मा, रोहित वर्मा, अमित वर्मा, रामलला व रामानंद को दोषी करार देकर चार्जशीट न्यायालय भेजी। जहां अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय अजय सिंह ने दोनो पक्ष के तर्क सुनने के बाद पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय पर मौजूद दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच भेजा गया है। जबकि न्यायालय पर अनुपस्थित रहे दोषी रामलला व रामानंद के विरुद्ध न्यायालय की ओर से गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।