श्रावस्ती। तराई में बीते चार दिनों से थमी बरसात के बीच बादलों की लुकाछिपी के बीच निकल रही तेज धूप ने उमस बढ़ा दी है। बादलों की ओट से निकलती तीखी धूप के कारण बढ़ी उमस से छोटे बड़े सभी बेहाल और परेशान है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण शहरी व ग्रामीण इलाकों में जगह जगह व्याप्त कीचड़ व जलभराव भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। साथ ही इससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है।
जिले में विगत सप्ताह झमाझम बरसात हुई। इसके कारण जगह जगह जलभराव व्याप्त है। साफ सफाई न होने के कारण सड़कों पर जमा यह गंदा पानी अब बीमारी का सबब बनता नजर आने लगा है। बीते चार पांच दिनों से बरसात न होने व बादलों के बीच निकलने वाली तेज धूप ने उमस भरी गर्मी बढ़ा दी है। इसके चलते पंखा व कूलर की हवा भी बेअसर साबित हो रही है। गंदे पानी के भराव के कारण पूरे इलाके में मच्छरों का प्रकोप भी चरम पर है। इसके चलते ही अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार, हाथ पैरों में लाल दाने निकलने व फंगल संक्रमण से पीड़ित लोगों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल आने वाला हर चौथा आदमी फंगल अथवा वायरल फीवर या फिर डायरिया का शिकार है।