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पानीपत-खटीमा राजमार्ग तीन घंटे रखा जाम

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झिंझाना गाडी वाला तिराहे पर जाम लगा कर धरने पर बैठे किसान - फोटो : SHAMLI
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पानीपत-खटीमा राजमार्ग तीन घंटे रखा जाम
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शामली, कैराना/कांधला। भाकियू पदाधिकारियों व किसानों ने पानीपत-खटीमा राजमार्ग तीन घंटे जाम रखा। इमरजेंसी वाहनों को छोड़कर किसी भी तरह के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहा।
गांव मन्ना माजरा के सामने पानीपत खटीमा राजमार्ग पूर्वाह्न 11.00 बजे अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और गाड़ियों को बीचोंबीच खड़ा कर चक्का जाम कर दिया। सड़क के बीचोंबीच दरें बिछाकर बैठ गए। भाकियू के पदाधिकारियों ने कृषि कानूनों की वापसी व एमएसपी पर कानून बनाने तथा गन्ना भुगतान कराने, गन्ने का वाजिब दाम दिलाने व किसानों के बिजली के बिलो की दरें कम कराने की मांग की। दोपहर करीब दो बजे एक ज्ञापन एसडीएम उद्भव त्रिपाठी को सौंपकर जाम खोला। इस दौरान राजेश प्रधान, इमरान चौहान, गय्यूर हसन, वेदपाल चौहान, अनवर हसन, इमरान चौधरी, कांग्रेस नेता अब्दुल हफीज आदि मौजूद रहे।
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उधर, कांधला स्थित बस स्टैंड पर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास चक्का जाम किया। कहा कि सरकार किसान विरोधी रवैया अपना रही है। चक्का जाम के दौरान कस्बे में व्यापारियों का कोई सहयोग नहीं रहा। सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को खोला रखा। सुरक्षा की दृष्टि से सीओ कैराना भारी पुलिस बल के साथ वहां मौजूद रहे। जाम के दौरान यात्रियों को परेशानी के साथ ही स्कूल से आने वाले छात्र-छात्राओं को अपने आवास पैदल चलकर पहुंचना पड़ा। अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने सीओ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इस दौरान डॉ. विक्रांत जावला, अरविंद पवार, ब्रह्म सिंह, विनोद, रामकुमार, मेनपाल, पप्पू भारसी, दिनेश कुमार, प्रवीन कुमार, देवीदास, उदयपाल मौजूद रहे।
चक्का जाम के लिए बदले चार स्थान
पूर्वाह्न करीब पौने 11 बजे भाकियू के पदाधिकारी व किसान शामली बाईपास पर पहुंचे। जहां पर किसानों ने सड़क पर वाहनों को खड़ा कर चक्का जाम कर दिया। कुछ देर के लिए सड़क पर बैठ गए। इस दौरान फोरलेन व रजबहे की पटरी से कुछ वाहन निकलते रहे। जिसके बाद किसानों ने अपना दरा उठाकर रजबहे की पटरी पर बिछा दिया। बाद में किसान गांव मन्ना माजरा के सामने पहुंचे तथा फोरलेन की दो सड़कों को छोड़कर एक सड़क को पूरी तरह चक्का जाम करने का निर्णय लिया। एंबुलेंस व स्कूलों की गाड़ियों को किसानों ने ट्रैक्टर हटाकर निकलवाया।
महिलाओं और बच्चों ने किया पैदल सफर
किसानों के चक्का जाम के दौरान शामली व अन्य स्थानों से आने वाले वाहनों को जब किसानों ने जाने नहीं दिया। जिसके बाद वाहनों से उतर कर महिलाओं और बच्चों ने तपती धूप में पैदल सफर किया। नगर के चौक बाजार, मेंढकी दरवाजा, पुराना बाजार, सराफा बाजार, मीना मार्केट व पानीपत खटीमा राजमार्ग पर मौजूद बाजारों में बंद का असर नहीं दिखा।
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रूट डायवर्ट किया गया
चक्का जाम के दौरान पुलिसकर्मियों ने शामली बाईपास पर तैनात रहकर कैराना की ओर से आने वाले वाहनों को बाईपास से झिंझाना मार्ग की ओर भेजा। वहीं शामली की ओर से आने वाले वाहनों को गांव मन्ना माजरा व जगनपुर गांव के रास्तों से निकलवाया गया। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मी तैनात किए गए। शामली बाईपास खंड विकास कार्यालय, चौक बाजार, भूरा चुंगी, पानीपत बाईपास, कांधला तिराहा पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।

कैराना मे सडक पर जाम लगा कर धरना प्रदर्शन करते किसान- फोटो : SHAMLI

कैराना में जाम के दौरान पैदल आते यात्री- फोटो : SHAMLI

शामली : कैराना में जाम के दौरान फंसी दूल्हे की गाड़ी।- फोटो : SHAMLI

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