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किसी के लिए जुनून तो कोई सेहत के लिए चला रहा साइकिल

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सोनल अग्रवाल । - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। साइकिल कभी यातायात का साधन था, लेकिन अब सेहत बनाने के लिए लोग साइकिलिंग कर रहे हैं। कोरोना काल में लोगों को सेहत का महत्व समझ आया और फिट रहने के लिए साइकिलिंग को प्रमुख साधन मान रहे हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हें साइकिलिंग का जुनून है। जिले की सोनल अग्रवाल साइकिल से चार धाम यात्रा पर निकली है। वहीं दूसरी तरफ युवा भी स्वस्थ रहने को साइकिल का सफर करने लगे हैं।
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हर रविवार साइकिल सवारों की रहती बहार
सितंबर 2020 में एसएस कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विकास खुराना ने शाहजहांपुर साइकिल क्लब का गठन किया था। पहली बार सबको बुलाने में 30 लोग शामिल हुए थे। डॉ. विकास बताते हैं कि हर रविवार को करीब 50 लोग एक साथ साइकिल लेकर निकलते हैं। इसमें ओसीएफ के जीएम अनूप शुक्ला, छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष गजेंद्र गंगवार, मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत सुमित प्रसाद, आईटी एक्सपर्ट बॉबी रावल, छात्र पंकज आदि शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही तिलहर और जलालाबाद में क्लब की शाखा खोली जाएगी।
साइकिल से केदारनाथ तक किया सफर
मोहल्ला जिया खेल निवासी एसएस कॉलेज के असिस्टेंट लाइब्रेरियन मनोज अग्रवाल की भांजी सोनल अग्रवाल ने साइकिल से केदारनाथ तक का सफर तय किया है। 16 अप्रैल को निकली सोनल केदारनाथ से साइकिल से वापसी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन 35 से 40 किलोमीटर तक साइकिल को चलाती थीं। विनोद अग्रवाल की बेटी सोनल अग्रवाल अपने मामा मनोज अग्रवाल के पास ही रहती थीं। उन्होंने बताया कि जिले से केदारनाथ के करीब 650 किमी लंबे सफर को सोनल ने पूरा कर बृहस्पतिवार को वापसी भी कर ली है। वह गुप्तकाशी पहुंच चुकी है। वह दिन में साइकिल चलाती हैं, जबकि रात में आराम करती है। इससे पहले भी सोनल मुंबई में रहने के दौरान गोवा समेत कई लंबी ट्रिप को साइकिल से कर पूरा कर चुकी हैं।
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आठ हजार किमी की यात्रा कर चुके अनूप शुक्ला
ओसीएफ के जीएम अनूप शुक्ला को साइकिल से काफी ज्यादा प्रेम हैं। वह हर रोज साइकिल को दौड़ाते हैं। शाहजहांपुर साइकिल क्लब के अहम हिस्सा अनूप शुक्ला बताते हैं कि यह कम खर्चे की सवारी है। पर्यावरण का नुकसान भी नहीं होता और सेहत भी काफी अच्छी रहती है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पढ़ने के दौरान आठ हजार किलोमीटर की यात्रा की थी। उस समय करीब तीन महीने तक कॉलेज के छात्रों का एक ग्रुप लांग ट्रिप पर निकला था।
20 प्रतिशत तक बढ़ गई साइकिल की कीमत
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद साइकिल के रेटों में जबर्दस्त उछाल आया है। पहले की अपेक्षा कम खरीद होने के बाद भी महंगाई अनियंत्रित है। बड़े शौक के लिए साइकिल खरीद रहे हैं तो बच्चों को फैंसी साइकिल पसंद आ रही है। -परविंदर सिंह, साइकिल विक्रेता
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ये हैं साइकिलिंग के फायदे
=ह्दय बेहतर तरीके से काम करता है।
=कैलोरी बर्न होने से मोटापा कम होता है।
=मधुमेह की बीमारी नहीं लगती।
=मांसपेशियां भी मजबूत हो जाती हैं।
=तनाव कम होता है।
डॉ.एमएल अग्रवाल, फिजिशियन, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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