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हम दोनों भागना नहीं चाहते थे, पर उन्होंने मेरी ‘रोशनी’ बुझा दी

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शाहजहांपुर। हम दोनों घर से भागना नहीं चाहते थे। सोचा सही समय आने पर घर वालों को बता देंगे। फिर हम बरात लेकर रोशनी के घर जाएंगे। लेकिन उन्होंने मेरी रोशनी हमेशा के िलए बुझा दी। हत्यारों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। यह कहना है कि उस युवक का, जिसकी पत्नी को उसके घर वालों ने गैरबिरादरी में शादी करने पर मार डाला।
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कांट थाना क्षेत्र में गैर बिरादरी में शादी करने पर युवती की हत्या के बाद उसके पति प्रभात ने हत्यारोपी परिजन को सख्त सजा दिलाने की मांग की है। प्रभात ने बताया कि शादी के बावजूद उसे एक दिन भी पत्नी का साथ नहीं मिला। उसने हाईकोर्ट में सुरक्षा दिलाने और पत्नी को बरामद करने के लिए याचिका भी दायर की थी। वारदात खोलने के लिए पुलिस अधीक्षक का प्रभात ने धन्यवाद दिया है।
मरहैया मोहल्ले निवासी बुुधपाल सक्सेना की बेटी रोशनी (18) ने 14 जुलाई को मुर्गी फार्म के पास रहने वाले प्रभात से कोर्ट मैरिज कर ली थी। चार सितंबर को जब रोशनी के पिता और भाई बबलू को विवाह करने का पता चला तो उन्होंने उसे मारा-पीटा। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के वक्त तहेरा भाई रमेश और बुधपाल का समधी बनवारी लाल भी मौजूद था।
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हत्या के बाद सभी लोग कार से रोशनी का शव फर्रुखाबाद के ढाई घाट ले गए और रात में ही दाह संस्कार कर दिया। रोशनी के कपड़े, चप्पल, विवाह प्रमाण पत्र व कई अन्य कागजात वहीं जमीन में दबा दिए। अगले दिन कांट थाने में प्रभात के खिलाफ रोशनी को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच शुरू की तो प्रभात घर पर ही मिला।
पुलिस ने जब बुधपाल और बबलू के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो चार सितंबर को उनके ढाई घाट जाने की पुष्टि हुई। बुधपाल और बबलू से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने रोशनी की हत्या करना स्वीकार लिया। प्रभात ने बताया कि वह और रोशनी घर से भागना नहीं चाहते थे। इसीलिए कोर्ट मैरिज कर दोनों अपने-अपने घर चले गए थे। हमने तय किया था कि सही समय आने पर परिजनों को सब कुछ बता देंगे। कोर्ट मैरिज की बात पता चलने पर हो सकता है कि घरवाले मान जाएं तब वह बरात लेकर रोशनी के घर जाएगा।
प्रभात ने बताया कि चार सितंबर से जब रोशनी का फोन स्विच ऑफ हो गया तो वह बहुत घबरा गया। आज तक वह ठीक से खाना भी नहीं खा पाया है। रोशनी के परिजन ने बहुत गलत किया है। उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उसने पुलिस अधीक्षक एस. आनंद का भी धन्यवाद दिया है, जिनकी वजह से पुलिस ने उसे परेशान नहीं किया और सच का खुलासा किया।
कोर्ट मैरिज के बाद अगर पति-पत्नी को लगता है कि उनकी जान को खतरा है तो वे संबंधित थाने में एक प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। मेरे ऑफिस में आकर भी अपनी बात बता सकते हैं। उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही जरूरी कार्रवाई की जाएगी। कई बार दंपती कोर्ट की शरण लेते हैं। ऐसे में कोर्ट के आदेशानुसार पुलिस कार्य करती है।
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एस. आनंद, एसपी।
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