राधा पीठ गिरधरपुर से बेशकीमती मूर्तियां चोरी
पीठाश्वर ने खुद की जान को बताया खतरा, सुरक्षा की मांग की
पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कोतवाली क्षेत्र के गिरधरपुर में स्थापित मूल प्रकृति राधा पीठ में शनिवार की रात चोर कमरे का ताला तोड़कर उसमें रखीं प्राचीन बेशकीमती मूर्तियां व पूजन सामग्री उठा ले गए। घटना की जानकारी रविवार को पीठ के पीठाधीश्वर रामानुजाचार्य ने कोतवाली व मगहर चौकी पुलिस को दी।
मूल प्रकृति श्री राधापीठ के संस्थापक पीठाधीश्वर रामानुजाचार्य ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद वर्ष 2019 में खलीलाबाद के गिरधरपुर गांव के पास श्री मूल प्रकृति राधा पीठ की स्थापना की। उनकी मंशा मानव कल्याण के लिये कार्य करने की है। ग्रामीण अंचल में पीठ बनाया जाए। ताकि आम जनता लाभान्वित हो। जिसके अंतर्गत वरदा पब्लिक स्कूल, मूल प्रकृति यज्ञ मंडप, मूल प्रकृति गोशाला आदि के निर्माण कार्य चल रहे हैं। आगे बताया कि वह कुछ दिन पूर्व बाहर गए हुए थे। शनिवार की रात 10 बजे खलीलाबाद आते समय देर रात हो जाने की वजह से इंडस्ट्रियल एरिया आवास पर ही रुक गए। रविवार की भोर में उनके सेवक ने बताया कि पीठ का ताला टूटा हुआ है। यह जानकारी मिलते ही वह गिरधरपुर स्थित पीठ पहुंचे, जहां देखा कि की पीठ से सिंहासन की छत, दंड चवर, दोनों पादुकाएं, पादुका चौकी, नारायण व हनुमान की बड़ी मूर्ति, राम दरबार अन्य पूजन सामग्री पात्र आदि गायब हैं। चोरों ने ताला तोड़ कर चोरी की वारदात की। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस व मगहर चौकी पुलिस को दे दी गई है। उन्होंने आशंका जाहिर की कि वे लोग चोरी की नीयत से कम उन्हें जान से मारने की नीयत से आए थे। नहीं तो और तमाम कीमती मूर्तियां थीं, उसे भी उठा ले जाते। उनके सिंहासन की छत काटकर ले जाना इस बात को और इशारा है। उन्हें मारने की साजिश रची गई थी, लेकिन गुरु पूर्णिमा होने के बावजूद वह पीठ पर मौजूद नहीं रहे। आगे बताया कि वह पिछले दिनों से ही जिला प्रशासन से अपनी सुरक्षा की बार-बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराया गया। कोतवाल मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।