संभल। शासन ने दीपावली पर मुंह मीठा कराने के लिए चीनी देने की घोषणा की थी, जिसके तहत राशन विक्रेताओं को तीन किलो प्रति कार्ड के हिसाब से चीनी वितरण के लिए दी गई लेकिन पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में अंत्योदय कार्ड धारकों को चीनी का वितरण नहीं किया गया। इससे वह मायूस होकर घरों को लौट गए।
प्रदेश सरकार ने गरीबों के घरों में दीपावली पर चीनी की मिठास घोलने और राशन पहुंचाने का फैसला लिया था। तीन नवंबर से जनपद भर में राशन का वितरण शुरू किया गया। सभी कार्डधारकों को गेहूं का वितरण किया गया, लेकिन चीनी केवल अंत्योदय कार्डधारकों को मिलनी थी। हालांकि इसके लिए कार्डधारक को 18 रुपये खर्च करने पड़े। पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के मऊभूड़, निबौरा, कैली पतरासी में चीनी का वितरण ही नहीं किया गया। सिर्फ गेहूं दिया गया। मऊभूड़ की जरीना ने कहा कि राशन विक्रेता ने उसे सिर्फ गेहूं दिया जबकि चीनी नहीं दी है।
उधर, निबौरा गांव में सरोज और पन्नालाल ने कहा कि राशन विक्रेता ने केवल गेहूं दिया चीनी नहीं दी। मांगी तो न होने की बात कहकर टरका दिया। दूसरी ओर, क्षेत्र के गांव करीमपुर, नूरियो सराय में पॉस मशीनों ने कार्डधारकों को परेशान किया। घंटों लाइन में कार्डधारक खड़े रहे। पूर्ति निरीक्षक योगेश शुक्ला ने कहा कि इसकी कोई जानकारी नहीं है। यदि वाकई ऐसा हुआ है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।