सहारनपुर। जिले के 11 ब्लॉकों की 884 ग्राम पंचायतों में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाए जाने की योजना अधर में लटक गई है। सर्वे हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन कहीं पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है, जबकि जनवरी तक कुछ ग्राम पंचायतों में पाइप लाइन बिछाकर घर-घर शुद्ध जल पहुंचाया जाना था।
दरअसल, हर घर जल- हर घर नल, योजना के तहत जिले की 884 ग्राम पंचायतों में जल निगम, जिला पंचायत राज विभाग और डीआरडीए के समन्वय से पाइप लाइन बिछाई जानी है। यह प्रोजेक्ट बड़ा है। क्योंकि, इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाली 20 लाख आबादी को फायदा होगा। इसके तहत प्रत्येक परिवार को शुद्ध पानी का कनेक्शन दिया जाना है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायतों नलकूप भी लगेंगे, जहां से पानी की सप्लाई होनी हैै। इस कार्य को लेकर छह माह पूर्व सर्वे पूरा हो गया था और करीब 345 ग्राम पंचायतों में जनवरी तक पाइप लाइन बिछाई जानी थी। इसके साथ ही कुछ ग्राम पंचायतों में सप्लाई जारी करनी थी, लेकिन लंबा समय बीतने के बावजूद सिर्फ सर्वे ही पूरा हो गया है, लेकिन योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। ऐसे में ग्रामीण शुद्ध पेयजल की उपलब्ध से अछूते रह गए।
संक्रमित पानी वाले इलाकों होगा ज्यादा लाभ
इस योजना से जिले के उन इलाकों की ग्राम पंचायतों को बड़ा फायदा होगा, जिनमें संक्रमित पानी की वजह से लोग बीमार भी हो चुके हैं और बड़ी संख्या में दूषित पानी की वजह से कैंसर होने पर लोगों की मौत हुई है। बड़गांव व देवबंद क्षेत्र के गांव शिमलाना, चिराऊ, बहेड़ा, महेशपुर, शब्बीरपुर, भगवानपुर, सांवतखेड़ी, सहजी, बेलड़ा, नूनाबड़ी, भायला सहित हिंडन नदी किनारे बसें ऐसे कई गांव हैं, जहां दूषित पानी की वजह से लोगों की मौत हुई है। इन गांवों हर घर जल, हर घर नल के तहत चयनित किया गया था, लेकिन कहीं पर भी शुद्ध पेयजल पहुंचाए जाने का कार्य नहीं हो पाया है।
जल्द कराएंगे कार्य पूरा
कोरोना संक्रमण और चुनाव की वजह से कार्य थोड़ा प्रभावित हुआ है। तीनों विभागों के समन्वय से जल्द कार्य शुरू होगा। निर्धारित समय में कार्य पूरा कराकर घर-घर शुद्ध जल पहुंचाया जाएगा। - विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी