सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज से हटाए जाने के विरोध में भूखहड़ताल पर बैठे चार अस्थायी कर्मियों की तबीयत सर्दी लगने से बिगड़ गई। इन्हें मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में उपचार दिलाया गया।
अनशन पर बैठी रितु, अंजू, मोहिनी एवं कुलदीप को उनके साथियों ने सोमवार को सुबह मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने बताया कि चारों की तबीयत कड़कड़ाती ठंड के चलते बिगड़ी है। भूख हड़ताल पर बैठे विपिन कुमार का कहना है कि कोरोना काल में हमने जान हथेली पर रखकर कार्य किया किंतु बाद में हमें निकाल दिया गया। वे मेडिकल कॉलेज में रोजगार दिए जाने की मांग करते हुए चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं लेकिन प्रशासन सुध लेने के लिए तैयार नहीं है।
इस संबंध में प्राचार्य डॉ अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि चारों कर्मचारी मेडिकल कॉलेज में अपने उपचार के लिए आए थे जिन्हें ठंड लग गई थी। जांच के उपरांत उनका स्वास्थ्य ठीक मिला और घर जाने की सलाह दी गई है। प्राचार्य का कहना है कि धरना दे रहे अस्थाई कर्मचारियों के आपातकालीन स्थिति में उपचार के लिए डा. वीरेंद्र सैनी, डा. अंशुमन तिवारी, डा. भारती की टीम बनाई गई है।
भर्ती अस्थायी कर्मचारी- फोटो : SAHARANPUR
भर्ती अस्थायी कर्मचारी- फोटो : SAHARANPUR