सहारनपुर। नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों की भी सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में वह सोशल मीडिया पर वीडियो पब्लिक के साथ साझा कर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। ताजा मामला वार्ड 58 के पार्षद आशुतोष सहगल का है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दो वीडियो साझा की हैं, जिनमें वह निगम पर पैसे की बर्बादी करने तथा उनको संज्ञान में लिए बिना ही बगैर जरूरत के पेयजल पाइपलाइन डालने के आरोप लगा रहे हैं।
आशुतोष सहगल द्वारा दोनों वीडियो दो दिन पहले साझा की गई हैं, जिनमें वह अपने वार्ड की गलियों का भ्रमण कर कैमरे के सामने नागरिकों से बात कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि उनके उक्त क्षेत्र में करीब तीन माह पहले इंटरलॉकिंग सड़कें बनाई गई थीं, जो वर्षों से टूटी थी। अब नगर निगम ने वहां पेयजल की पाइपलाइन डालने के लिए सड़कों को खोद डाला है, जबकि क्षेत्र में पहले से पेयजल की पाइपलाइन डली हुई है। उनका आरोप है कि बिना जरूरत के पाइपलाइन डालना और नई बनी सड़कों को तोड़कर छोड़ना पैसे की बर्बादी है। वीडियो में वह लोगों से भी बात कर रहे हैं, जिसमें पूछ रहे हैं कि जो लाइन डाली जा रही है क्या किसी ने मांग की थी? या किसी को कनेक्शन मिला है? उनके इस सवाल पर लोग इनकार कर रहे हैं। एक दूसरा वीडियो उन्होंने मुफ्ती मोहल्ला क्षेत्र का बनाया है, जिसमें वह कह रहे हैं कि पार्षद होते हुए उनको संज्ञान में लिए बिना ही पेयजल की पाइपलाइन डाली जा रही है। यहां भी बिना जरूरत के पेयजल की लाइन डाली गई है, जिसके लिए नई बनी सड़कों को तोड़कर बर्बाद कर दिया गया है। वह वीडियो में बोल रहे हैं कि सोमदत्त वैध के घर के पीछे भी इसी तरह सड़कों को बर्बाद करके रख दिया गया है।
नगरायुक्त करा रहे जांच : पार्षद
भाजपा पार्षद आशुतोष सहगल का कहना है कि शहर भर में इस तरह से पैसे की बर्बादी की जा रही है। वह एक साल से शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उनके वार्ड में करीब चार माह पहले बनी सड़क को बिना जरूरत के पाइपलाइन डालकर खोद दिया गया है। इस संबंध में लोगों ने मुझसे शिकायत की। मेरी ओर से नगरायुक्त को शिकायत पत्र दिया है, जिस पर जांच हो रही है।
जिस वार्ड में बिना जरूरत के पेयजल पाइपलाइन डालने की शिकायत की जा रही है, वहां पुरानी लाइन सीवर के नीचे आ गई है। इस कारण लोगों के घरों में दूषित पानी पहुंच रहा था, उसी समस्या का निस्तारण करने के लिए नई लाइन डाली जा रही है। पार्षद के आरोप बेबुनियाद हैं। -- देशांतर, अवर अभियंता, जलकल, नगर निगम