सहारनपुर। जिले की 40 लाख की आबादी पर सरकारी एंबुलेंस महज 65 हैं। इस पर भी तमाम सड़कों की खोदाई होना और जगह जगह बैरीकेडिंग। इन तमाम चुनौतियों और झंझटों को देखते हुए विभाग ने एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने के लिए जिले भर में हॉट स्पॉट बनाए हैं। यानी सभी एंबुलेंस को अस्पताल में एक जगह खड़ा ना कर जनपद में जगह-जगह ऐसी जगहों (हॉट स्पॉट) पर रखा जा रहा है, जहां से आसानी के साथ मरीज तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके और मरीज को समय से उपचार दिलाया जा सके।
जिला अस्पताल में एंबुलेंस खड़ी करने से होता यह है कि जनपद में किसी भी जगह खासकर देहात से फोन कॉल आने के बाद एंबुलेंस को शहर के जाम से जूझकर जाना पड़ता था, जिससे एंबुलेंस देरी से मरीज तक पहुंचती थी और उसके बाद मरीज को लेकर फिर से शहर के जाम से जूझती हुई अस्पताल लाती थी। वर्तमान में महानगर में सीवर लाइन डालने और सड़कों के निर्माण सहित अनेक कार्य चल रहे हैं। ऐसे में एंबुलेंस सेवा से जुड़े जिम्मेेदार अधिकारियों ने केवल महानगर ही नहीं, बल्कि जिले भर में हॉट स्पॉट बनाए हैं, जहां एंबुलेंस खड़ी होती हैं। कुछ एंबुलेंस अस्पताल परिसर में रहती हैं, जिनमें ज्यादातर 102 सेवा शामिल हैं। क्योंकि इन एंबुलेंस को गर्भवतियों को प्रसव के बाद घर भी छोड़कर आना होता है। इसके अलावा शहर में किसी भी जगह जाना होता है।
जनपद में एंबुलेंस की स्थिति
एंबुलेंस संख्या
108 33
102 29
एएलएस 03
कुल एंबुलेंस 65
एंबुलेंस पर स्टाफ की स्थिति
प्रत्येक सरकारी एंबुलेंस पर दो चालक और दो ईएमटी (आपातकालीन चिकित्सा टेक्नीशियन) की व्यवस्था है। इनकी 12-12 घंटे की ड्यूटी रहती है। इस प्रकार 65 गाड़ियों पर करीब 130 चालक और ईएमटी तैनात हैं।
हम लगातार एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। कोशिश यही रहती है कि फोन कॉल आने के बाद कम से कम समय में मरीज को चिकित्सा सुविधा दिलाई जा सके। इसके लिए हमने जिले भर में हॉट स्पॉट बनाए हैं, जहां एंबुलेंस खड़ी होती हैं। - सुधांशु, प्रभारी, एंबुलेंस सेवा