राज्जुपुर गांव में लूट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस को लोगों ने घेरकर दौड़ा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने दो पुलिस वालों को जमकर पीटा। पुलिसकर्मी जिस कार में गांव में पहुंचे थे उसमें भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस टीम पर हमले की जानकारी मिलते ही आननफानन में पुलिस अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को काबू किया।
बृहस्पतिवार की रात हरियाणा से गेहूं बेचकर लौट रहे अनाज व्यापारी दूधली निवासी विनोद कुमार से 1.69 लाख रुपये की लूट करने के मामले में राज्जुपुर गांव निवासी साजिद का नाम प्रकाश में आने के बाद शनिवार की सुबह करीब आठ बजे कोतवाली के एसआई वेगपाल सिंह, कांस्टेबिल अमरदीप, नितिन सैनी और विपिन कुमार सादी वर्दी में कार लेकर दबिश डालने गए थे।
जैसे ही पुलिस साजिद के घर पहुंची तो साजिद और उसका पिता अलीहसन उनको देखकर वहां से भाग निकले। इसके बाद पुलिस साजिद के भाई आजाद को पकड़कर लाने लगी।
इस दौरान उसके परिवार की महिलाएं पुलिस के सामने आ गई और आजाद को लेकर जाने का विरोध करने लगी। जिस पर उनके बीच जमकर खींचतान हुई। कुछ ही देर में वहां भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने सिपाही अमरजीत और नितिन सैनी के साथ जमकर मारपीट की। स्वयं को घिरता देख पुलिसकर्मी वहां से जान बचाकर भागने लगे।
आपाधापी में पुलिसकर्मियों की कार दीवार से टकरा गई, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने उसमें तोड़फोड़ की। सूचना पर सीओ योगेंद्र सिंह और कोतवाल विजय प्रकाश पुलिस बल, आरआरएफ और पीएसी के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण किया। इसके बाद पुलिस आजाद को लेकर देवबंद आ गई।
दो महिलाओं समेत 14 के खिलाफ रिपोर्ट
देवबंद। राज्जुपुर गांव में लूट के आरोपी को पकड़ने गए पुलिस टीम पर हमले के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत 14 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली के एसआई और राज्जुपुर गांव में गई पुलिस टीम का नेतृत्व करने वाले वेगपाल सिंह की और से दर्ज रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट कर आरोपी को छुड़ाने, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में साजिद, अली हसन, यामीन, नबी हसन, शहजाद, शमशाद, आदिल, नौशाद, अमजद, बाबू, कलीम, राशिद, भूरी और रुखसाना के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 185, 186, 332, 353, 225 एवं 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।