बड़गांव में मृतका के घर पहुंचे भीम आर्मी कार्यकर्ता और उन्हे समझाते सीओ
- फोटो : SAHARANPUR
बड़गांव (सहारनपुर)। लूट के मामले में बेटे के आरोपी बनने पर बड़गांव की बबली द्वारा आत्महत्या करने के मामले में शुक्रवार को हंगामा हो गया। परिजनों और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने मृतका का अंतिम संस्कार करने से मना करते हुए पुलिस पर प्रताड़ित करने तथा रुपये मांगने का आरोप लगाया। एसपी देहात अतुल शर्मा ने एक दरोगा और दो सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर अपराह्न साढ़े चार बजे के बाद महिला का अंतिम संस्कार किया गया।
नानौता में हुई लूट में बड़गांव निवासी मोहित पुत्र संदीप वाल्मीकि के वांछित होने पर पुलिस ने उसके घर दबिश दी थी। इसके बाद उसकी मां बबली ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को जब बबली का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो भीम आर्मी कार्यकर्ताओं और परिजनों ने आत्महत्या के लिए नानौता पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए अंतिम संस्कार से मना कर दिया। आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने घर पर आकर तीन लाख रुपये की मांग की थी और बबली से अभद्र व्यवहार किया था। इसी से खिन्न होकर बबली ने आत्महत्या की।
सीओ देवबंद रजनीश कुमार उपाध्याय व एसडीएम रामपुर मनिहारन प्रणता ऐश्वर्या ने मृतका के घर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन भीम आर्मी कार्यकर्ता नानौता पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे।
सुबह नौ बजे से चली लंबी वार्ता के बाद शाम चार बजे तक कोई हल नहीं निकला। करीब साढ़े चार बजे एसपी देहात अतुल शर्मा ने थाने पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को बुलवाकर नानौता थाने के दारोगा व दो सिपाहियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट एसएसपी को भेजने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ही परिजन मृतका का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रोहित राज गौतम, तहसील अध्यक्ष संजय कुमार, दीपक अपनी टीम के साथ मौजूद रहे।