शाकंभरी (सहारनपुर)। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वावधान में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज के सानिध्य में सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में 900 फीट की चुनरी अर्पित की गई। इसके साथ ही नौ दिवसीय देवी भागवत महापुराण के साथ अखंड भंडारे का शुभारंभ हुआ जो एक मई तक चलेगा।
महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में 900 फीट लंबी चुनरी लेकर मां शाकंभरी देवी मंदिर में रविवार की शाम को जिला पंचायत के रैन बसेरा पहुंच गए थे। सोमवार की सुबह विधि विधान से श्रद्धालुओं के साथ स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज पूजा अर्चना कर सर्वप्रथम बाबा भूरादेव को प्रसाद अर्पित किया। इसके बाद श्रद्धालु बैंड बाजे की धुन के साथ सिद्धपीठ मां भगवती मंदिर की ओर चले। 900 फीट की चुनरी देखकर हर कोई भाव विभोर हो रहा था। विशाल चुनरी को देखकर आने जाने वाले श्रद्धालु आश्चर्यचकित रह गए। सिद्धपीठ में भक्ति रस की ऐसी गंगा बही कि हर कोई उसमें मग्न था। चुनरी को 100 से भी अधिक श्रद्धालु लेकर चल रहे थे। गुजरात के सूरत से तैयार कराई गई विशेष चुनरी को दुपहर के वक्त मां को अर्पण किया गया।
इसके बाद स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने भागवत पुराण प्रवचन के पहले दिन बताया कि 900 फीट चुनरी मां दुर्गा का रूप है। उन्होंने बताया कि आदि शक्ति ही समस्त चराचर में व्याप्त है। मां शाकंभरी योगमाया रूप में प्रकट होकर देवताओं का भरण पोषण करते हुए रक्तबीज जैसे महादानव का वध कर धर्म की रक्षा की और भक्तों को वरदान दिया। इस अवसर पर आचार्य बैजनाथ, पंडित ऋषभ शर्मा, सुरेंद्र अग्रवाल प्रेमपुरी, योगेश तिवारी, नरेश चंदेल, रमेश शर्मा, अरुण रोहिला, मांगेराम चौधरी, अश्वनी, प्रभा, विभा, संगीता, गीता, पूनम, ममता, सोनिया, सरला आदि रहे।
900 फीट लंबी चुनरी को मां के दरबार में अर्पित करने जाते श्रद्धालु एवं स्वामी कालेंद्रनंद जी महाराज- फोटो : SAHARANPUR