यूक्रेन में मची तबाही का मंजर।
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यूक्रेन में फंसे क्षेत्र के एमबीबीएस के दो छात्र सलमान अली और फुरकान अली ने अपने करीब 700 साथियों के साथ भारत आने के लिए नाइजीरिया से निकलने की कोशिश की। हालांकि यूक्रेन प्रशासन ने सभी छात्रों के जोखिम से भरी यात्रा को देखते हुए बंकरों से उनके बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। यूक्रेन प्रशासन के इस निर्णय से छात्रों में नाराजगी है। छात्रों ने भारत सरकार से यूक्रेन से उन्हें सुरक्षित बुलाए जाने की मांग की है।
क्षेत्र के ग्राम मनकरा का मजरा निवासी फरमान अली का पुत्र सलमान अली और नामे अली का पुत्र फुरकान अली यूक्रेन की सूमी मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन में चल रहे युद्ध की वजह से करीब 700 छात्र सूमी स्टेट के तमाम बंकरों में फंसे हुए हैं। यह सभी भारतीय छात्र बमबारी और बर्फबारी तथा खानपान की समस्या को लेकर बेहद परेशान हैं।
छात्रों के परिजनों ने बताया कि शनिवार को सूमी स्टेट में फंसे करीब 700 छात्रों ने अपने निजी रिस्क पर भारत आने के लिए नाइजीरिया देश के लिए कूच करने का प्रयास किया था। मगर, उन्हें यूक्रेन सरकार ने भारी जोखिम होने की वजह से उनके बंकरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी। छात्रों का कहना था कि वह लोग नाइजीरिया होकर भारत पहुंच जाएंगे।
छात्रों का कहना है कि वह लोग बेहद डरे और सहमे हुए हैं। पानी की समस्या उनके सामने आ रही है जबकि, खाने-पीने की सामग्री भी उनके पास लगभग खत्म होती जा रही हैं। परिजनों का कहना है कि भारत सरकार उनके बच्चों को शीघ्र ही उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था करें। वहीं, रविवार को भी दोनों छात्रों के परिजन काफी चिंतित नजर आए।