रामपुर। शिव भक्तों की आस्था झमाझम बारिश पर भारी पड़ी। बारिश में भीगते हुए शिव भक्तों ने शिवालयों में पहुंचकर सावन के तीसरे सोमवार पर जलाभिषेक किया। बम बम,हर हर के जयकारों से पूजा स्थल दिनभर गूंजते रहे। दिन भर मंदिरों में जलाभिषेक होता रहा।
सावन के तीसरे सोमवार को सुबह से ही झमाझम बारिश होनी शुरू हो गई थी। लेकिन, शिव भक्तों ने बारिश की परवाह न करते हुए सुबह चार बजे से ही शिवालयों में पहुंचना शुरू कर दिया था। भमरौआ स्थित प्राचीन पातालेश्वर मंदिर तड़के चार बजे फिल्म मुहूर्त शुरू होते ही जलाभिषेक शुरू कर दिया था। शिवभक्तों ने गंगाजल, दूध, दही, बेलपत्र, पुष्प, भांग, धतूरा, शहद, फल और प्रसाद अर्पित कर शिवलिंग का जलाभिषेक किया। दिनभर पड़ी बारिश में भी श्रद्धालु अपनी बारी के इंतजार बारिश में भीगते रहे। दिनभर शिवालय में श्रद्धालु जलाभिषेक करते रहे। मंदिर कमेटी और पुलिस श्रद्धालुओं से दिन भर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए कवायद करती दिखाई दी। पंजाबनगर स्थित ओमनागेश्वर मंदिर में भी सुबह चार बजे से ही जलाभिषेक शुरु हो गया था। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जलाभिषेक को अलग अलग कतारें बनाई गई थीं। झमाझम बारिश के बावजूद श्रद्धालु देर शाम तक जलाभिषेक करते रहे। मंढ़ोली और बराखास स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालु ब्रजघाट से पैदल जल लेकर भमरौआ और पंजाब नगर मंदिरों में पहुंचे और शिवलिंग का जलाभिषेक किया। भमरौवा और पंजाबनगर के मंदिरों में दिनभर भंडारे चलते रहे। दिनभर यहां श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते रहे।
शहर के मंदिरों में भी दिन भर जलाभिषेक होता रहा। कोसी मार्ग स्थित शिव मंदिर, अजीतपुर स्थित शिव मंदिर, कृष्णा बिहार स्थित शिव मंदिर, हाइवे स्थित शिव साईं मंदिर, खारीं कुंआ स्थित शिव मंदिर, जोकी राम की बगिया स्थित, पुराना गंज स्थित माईं के थान, मुनीश्वर दत्त मंदिर, पुराना गंज स्थित हरिहर मंदिर, मिस्टन गंज स्थित प्राचीन राधा कृष्णा मंदिर, न्यू आवास विकास कालोनी स्थित नर्मदेश्वर मंदिर, पुरानी आवास विकास कालोनी शिव मंदिर, चीनी मिल गेट स्थित मनोकामना मंदिर, जिला पंचायत मार्ग स्थित शिव मंदिर समेत शहर के सभी मंदिरों में जलाभिषेक किया गया। महिलाओं ने भजन गाकर महादेव की महिमा का गुणगान किया।