रामपुर। खनन कारोबारियों द्वारा मिलक सीट से भाजपा विधायक राजबाला के भांजे व चालकों के साथ मारपीट करने के मामले में विधायक ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड कर दी। जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए उनके साथ होने वाली किसी भी घटना के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार बता दिया। उन्होंने वीडियो में एसपी द्वारा उनके फोन करने पर बात न करने की भी बात कही। जिसके बाद एसपी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में होने के कारण फोन पर बात न कर पाने और बाद में विधायक से बात होने की जानकारी देते हुए पूरे मामले में अपना पक्ष रखा है।
फेसबुक पर डाली गई वीडियो में विधायक राजबाला ने कहा कि कल खनन माफियाओं के द्वारा मेरी गाड़ी पर हमला किया गया। गाड़ी में मेरा स्टाफ था, गाड़ी से बाहर खींचकर उनको मारा-पीटा गया, जानलेवा हमला किया गया। इसके बाद गाड़ी को तोड़फोड़ दिया, किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मैं अक्सर रामपुर में अवैध खनन को लेकर शिकायत करती रहती हूं। इस घटना के बाद से एसपी रामपुर मेरा फोन नहीं उठा रहे क्या इससे खनन माफिया को संरक्षण नहीं मिलेगा। पुलिस चौकी-थाने के आगे से खनन के डंपर निकलते हैं क्या उनको दिखाई नहीं देते, क्या इन पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। पटवाई थानाध्यक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मैं अक्सर शाहबाद आती-जाती रहती हूं क्या इनसे डरकर मुझे रहना होगा। क्या ये मुझपर कभी हमला नहीं कर सकते। अगर मुझ पर कोई भी हमला होता है, किसी भी प्रकार की घटना होती है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा।
विधायक राजबाला के वीडियो अपलोड होने के बाद ही वायरल होने लगा। जिस पर एसपी अशोक कुमार ने भी अपना पक्ष दिया है। उनका कहना है कि विधायक की शिकायत पर खनन अधिकारी ने बुधवार जाकर ही चेकिंग कर कार्रवाई की। इसके बाद खनन अधिकारी चले, लेकिन ये लोग चेकिंग करते रहे। उन्होंने लिखकर भी दिया है। एसपी ने बताया कि विधायक पक्ष का कहना है कि खनन अधिकारी उनसे वीडियो बनाने की बात कहकर गए थे, जबकि खनन अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं। जो भी हुआ है वो दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में एक टीम बनाकर जांच कराई जा रही है। जो कि पटवाई थानाध्यक्ष की भूमिका की भी जांच करेगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में होने के कारण बात नहीं हो सकी थी, वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद मेरी विधायक जी से बात हो गई है और वो संतुष्ट हैं। उन्हें आश्वस्त कर दिया गया है कि अवैध खनन को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।