यूपी में कौशांबी के सौरई बुजुर्ग गांव में धार्मिक चबूतरे पर ईंट बिछाने और दीवार खड़ी करने पर रोक लगाने को लेकर मंगलवार को जमकर बवाल हुआ। देवीगंज चौकी पुलिस की तरफ से चबूतरे पर खड़ी की गई दीवार गिराने की कोशिश से भड़के लोगों ने पुलिस पर हमला बोल दिया।
चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पिटाई से बचने के लिए पुलिसवालों ने एक घर में पनाह ली। आक्रोशित भीड़ ने वहां भी नहीं छोड़ा और मकान का दरवाजा तोड़ डाला। एसओ सैनी के आने पर चौकी प्रभारी और सिपाहियों की जान बची।
कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवानों को लेकर आए एसडीएम और सीओ ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। एसडीएम ने बताया कि जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद है। जांच करके विवाद का निस्तारण किया जाएगा। फिलहाल तनातनी के मद्देनजर घटनास्थल पर फोर्स तैनात कर दी गई है।
चबूतरे पर चहारदीवारी करने से पुलिस ने किया मना
सैनी कोतवाली क्षेत्र की देवीगंज बाजार से अलीपुर जीता गांव को जाने वाली सड़क के किनारे सौरई गांव के समीप पीपल समेत तीन चार पेड़ हैं। इस पेड़ के नीचे चबूतरा बना है। गांववाले चबूतरे को काली का स्थान मानकर पूजते हैं। पास में ही दूसरे तबके के कुछ लोगों के मकान हैं।
बताया जाता है कि मंगलवार को एक धार्मिक कार्यक्रम के तहत हजारों की संख्या में गांववाले चबूतरे पर जुटे थे। इस दौरान ग्रामीण चंदे से इकट्ठा हुई ईंट को चबूतरे पर बिछाने के साथ सड़क की तरफ कच्चे गारे से चहारदीवारी बनाने लगे। दूसरे तबके ने तहसील दिवस में जाकर एसडीएम से शिकायत कर दी।
एसडीएम के निर्देश पर देवीगंज चौकी प्रभारी हरिशंकर यादव दो सिपाहियों के साथ पहुंचे और ईंट बिछाने, दीवार खड़ी करने से ग्रामीणों को मना कर दिया।
सिपाही के थप्पड़ से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
आरोप है कि इस दौरान सिपाही ने ईंट बिछा रहे एक व्यक्ति को थप्पड़ मार दिया था। इससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांववाले चौकी इंचार्ज और सिपाहियों से भिड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गांववालों ने दौड़ा-दौड़ाकर पुलिसवालों की पिटाई शुरू कर दी। ईंट-पत्थर से भी हमला किया।
जान बचाने के लिए चौकी प्रभारी और सिपाही देवीगंज बाजार के एक घर में घुस गए। आक्रोशित लोगों ने घर का दरवाजा तोड़ डाला। बवाल और पुलिस पर हमले की खबर पर एसओ सैनी फोर्स लेकर आए। उनके आने पर चौकी प्रभारी और सिपाहियों की जान बची।
एसपी आरपी सिंह का कहना है कि ग्रामसभा की जमीन पर कब्जा रोकने की पुलिस ने कोशिश की तो उपद्रवियों ने हमला कर दिया।