रायबरेली। लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की हत्या के विरोध को लेकर सोमवार को जिले भर में चौतरफा आक्रोश दिखा। विभिन्न संगठनों के किसान न सिर्फ विकास भवन परिसर में धरने पर बैठे बल्कि कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर सरकार मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
इस दौरान सभी ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे व उनके साथियों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने, मृतक किसानों को मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई। सभी ने एसडीएम सदर जीतलाल सैनी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान महासभा और संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में किसान विकास भवन परिसर में धरने पर बैठे। इसके बाद विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। इस दौरान शहीद किसान अमर रहे, प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष रामसजीवन सिंह व जिलाध्यक्ष दयाशंकर चौधरी ने कहा कि सरकार की कृषि एवं किसान विरोधी हिंसक नीतियां अब किसान हत्या में परिवर्तित हो गई हैं। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
अखिल भारतीय किसान महासभा के पदाधिकारियों ने किसानों को कुचलकर मारने वाले केंद्रीय गृहराज्य मंत्री को बर्खास्त किए जाने, उनके बेटे व अन्य लोगों की तत्काल गिरफ्तारी, घायल किसानों के इलाज की गारंटी दिए जाने, घटना के लिए जवाबदेह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस्तीफा लिए जाने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर किसान संगठनों ने विकास भवन परिसर में धरना देकर वहां से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित ज्ञापन के जरिए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी की मंत्री पद से बर्खास्तगी और मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष फूलचंद मौर्य ने कहा कि किसानों के हत्यारों को सजा दिलाने के साथ ही प्रदेश सरकार को सबक सिखाया जाएगा। जिलाध्यक्ष संतोष कुमार चौधरी उर्फ लाला चौधरी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार के अंत की यहां से शुरुआत हो गई। इस मौके पर मो. अंसार, प्रमोद पटेल, मनोज यादव, रामसजीवन चौधरी, उदयभान चौधरी मौजूद रहे।
उधर, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर रामसिंह यादव, अवतार सिंह मोंगा, विश्वास द्विवेदी व देवेश यादव मौजूद रहे।
आम आदमी पार्टी की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर लखीमपुरी की घटना पर विरोध जताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। सभी ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
जिलाध्यक्ष पुनीत सिंह, राम मोहन श्रीवास्तव, गौरव, राहुल सिंह व अर्जुन साहू आदि ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के हितों के बजाय पूंजीपतियों के इशारों पर काम करते हुए किसानों के आंदोलन को दमनकारी तरीके से कुचल रही है। इसको लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने और लखीमपुर में किसानों की मौत पर सपाइयों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव ने कहा कि घटना की न्यायिक जांच कराई जाए। किसानों की हत्या में शामिल दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो।
पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने कहा कि मृतक किसानों के परिवारीजनों को दो-दो करोड़ रुपया मुआवजा दिया जाए। पूर्व विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि किसानों के परिवारीजनों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जिला पंचायत सदस्य आशीष चौधरी ने कहा कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करके कार्रवाई की जाए।
पूर्व विधायक आशा किशोर व देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि घटना में शामिल मंत्री के बेटे व अन्य पर हत्या का मुकदमा चलाया जाए। पूर्व विधायक श्याम सुंदर भारती ने कहा कि गृहराज्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए। सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओपी यादव ने कहा कि पूरी घटना गृह राज्यमंत्री के इशारे पर हुई है। इस मौके पर अजय पाठक, नीलू पांडेय व आरपी यादव मौजूद रहे।