रायबरेली। नसीराबाद थाना क्षेत्र में 19 साल पुराने हत्या की कोशिश के मुकदमे में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने गुरुवार को पिता-पुत्र समेत आठ अभियुक्तों को सजा सुनाई है।
दोष सिद्ध होने पर सभी आठ अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़ित जंग बहादुर सिंह निवासी पूरे देवीदीन मजरे बिन्नावां ने थाना नसीराबाद में दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार 28 अप्रैल 2002 की सुबह करीब पौने छह बजे राधेरमण, अखिलेश, रामनरायन, जयशंकर, दयाशंकर, इच्छाशंकर, गिरीश, पप्पू व पुत्तन ने घर में घुसकर जान से मारने की कोशिश की थी। इस दौरान राधेरमण व अखिलेश ने जान से मारने की नीयत से फायर भी किया था। घटना में वादी उसके चाचा बृजमोहन आदि को गंभीर चोटें आईं थीं।
पुलिस ने विवेचना के बाद राधेरमण, उसके बेटे अखिलेश, रामनरायन उसके बेटे जयशंकर, दयाशंकर, इच्छाशंकर के अलावा गिरीश, पुत्तन उर्फ राकेश व पप्पू उर्फ सुनील कुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
पप्पू उर्फ सुनील कुमार के नाबालिग होने की वजह से उसकी पत्रावली विचारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर शेष आठों अभियुक्तों को सजा सुनाई।