रायबरेली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गांवों में गठित महिला स्वयं सहायता समूहों के आधार लिंक कराने में ब्लॉक मिशन प्रबंधक (बीएमएम) मनमानी कर रहे हैं। सोमवार को उपायुक्त (एनआरएलएम) ने इसकी समीक्षा की।
आठ ब्लॉकों की प्रगति 50 प्रतिशत से कम मिली। उन्होंने कड़ी फटकार लगाने के साथ ही 27 ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को संविदा खत्म करने की चेतावनी दी है। सभी को तीन दिन में 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति लाने के आदेश दिए हैं।
एनआरएलएम के तहत गांवों में बनाए गए स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय करने के आदेश दिए गए हैं। करीब एक हजार समूहों के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें सक्रिय करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को समूहों के आधार लिंक कराने के आदेश दिए गए हैं।
सोमवार को उपायुक्त जीपी कुशवाहा ने इसकी समीक्षा की तो राही और सरेनी ब्लॉकों की प्रगति सबसे खराब मिली। इसके अलावा अन्य छह ब्लॉकों की प्रगति भी 50 प्रतिशत से कम मिली।
उन्होंने बीएमएम को जमकर फटकार लगाते हुए सेवा से हटाने की चेतावनी दी। सभी को तीन दिन में प्रगति में सुधार लाने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने संबंधितों को चेतावनी पत्र जारी किया है। ऐसा न होने पर हटाया जाएगा। इससे लापरवाहों में हड़कंप मच गया है।
उपायुक्त (एनआरएलएम) जीपी कुशवाहा ने बताया कि ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को नए स्वयं सहायता समूहों के आधार नंबरों को लिंक कराने के आदेश हैं। आठ ब्लॉकों की प्रगति बेहद खराब है। संबंधित ब्लॉकों के 27 बीएमएम को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रगति न सुधरने पर संविदा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।